फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Esma Applicable for roadways bus employees strike in uttarakhand

रोडवेज कर्मियों की शासन से वार्ता विफल, हड़ताल की चेतावनी पर लागू हुआ एस्मा

Wed, 15 May 2019 08:24 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 15 May 2019 08:24 AM IST
विज्ञापन
Esma Applicable for roadways bus employees strike in uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

परिवहन निगम प्रबंध निदेशक डॉ. आर राजेश कुमार व उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बीच समझौता वार्ता विफल हो गई। इससे कर्मचारियोें के सामूहिक कार्य बहिष्कार के एलान के बाद सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए एस्मा लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। सचिव परिवहन शैलेश बगौली ने एस्मा के आदेश लागू करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि वेतन भुगतान समेत 18 सूत्रीय मांगों को लेकर परिवहन निगम कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार से सामूहिक अवकाश पर चले जाने का एलान किया है। प्रकरण को सुलझाने को लेकर प्रबंध निदेशक डॉ. आर राजेश कुमार ने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया था लेकिन ढाई घंटे तक चली लंबी वार्ता के बाद  वार्ता विफल हो गई। इसके बाद कर्मचारियाें ने आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया।
विज्ञापन


चारधाम यात्रा के साथ ही यात्रा सीजन होने की वजह से सरकार, शासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों पर एस्मा लागू करने का आदेश जारी कर दिया। दूसरी ओर कर्मचारियों ने एस्मा लागू होने के बावजूद सामूहिक अवकाश लेते हुए कार्य बहिष्कार का निर्णय जारी रखा है। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि सामूहिक अवकाश लेना उनका अधिकार है और किसी भी कर्मचारी को बगैर वेतन के कार्य करने को बाध्य नही किया जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आंदोलित परिवहन निगम कर्मियों की कुछ प्रमुख मांगें

1- परिवहन निगम में कार्यरत 2968 संविदा, विशेष श्रेणी चालकों, परिचालकाें को नियमित कर्मचारियों की भांति समान कार्य समान वेतन की सुविधा दी जाए।
2- बकाया वेतन भुगतान के साथ ही ओवरटाइम, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ते का भुगतान किया जाए।
3- जिन अधिकारियों, कर्मचारियों को शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ दिया गया है उनके वेतन से रिकवरी और कार्रवाई की जाए।
4- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी व नकदीकरण का भुगतान किया जाए। पूर्व में हुए भुगतान में भेदभाव की जांच कराई जाए।
5- परिवहन निगम में बसों का बेड़ा बढ़ाकर 1600 किया जाए।
6- उत्तराखंड शासन द्वारा स्वीकृत परिवहन निगम के ढांचे को टू टायर किया जाए। टू टायर व्यवस्था के अंतर्गत ही सभी अधिकारियों, उपाधिकारियों की तैनाती की जाए।
6- देहरादून स्थित ट्रांसपोर्ट नगर कार्यशाला को तत्काल शुरू कराया जाएय।
7- रुड़की व पिथौरागढ़ डिपो में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।
8- समझौतोें के मुताबिक यूपी परिवहन निगम की बसों का संचालन उत्तराखंड परिवहन निगम के बस स्टेशनों से होना सुनिश्चित कराया जाए। करार से अधिक बसों के संचालन पर रोक लगायी जाए।
9- प्रदेश में अनाधिकृत निजी बस स्वामियों द्वारा आनलाइन बुकिंग पर अंकुश लगाया जाए। डग्गामारी रोकने को लेकर चौबीसों घंटे की प्रवर्तन व्यवस्था की जाए।
10- कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देते समय 10 साल की अति उत्तम प्रविष्टियों की बाध्यता को समाप्त की जाए।
11- राज्य कर्मचारियों की भांति परिवहन निगम कर्मचारियों को भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए।
12- परिवहन निगम में पिछले तीन साल की विस्तृत आय व व्यय का ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए।
13-उत्तर प्रदेश की केंद्रीय परिसंपत्तियों में से उत्तराखंड परिवहन निगम का देय हिस्सा 800 करोड़ का भुगतान निगम को कराया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed