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Dehradun News: परियोजना में पर्यावरणीय पहलू का रखा जाए ध्यान
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जलागम निदेशालय में पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। जलागम निदेशालय में पर्यावरण एवं सामाजिक अभिमुखीकरण विषय पर आयोजित कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में विश्व बैंक के विशेषज्ञ ईवा व अनुपम जोशी ने कहा कि उत्तराखंड जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि परियोजना (यूसीआरआरएफपी) में पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। कहा कि परियोजना में किसी तरह का भेदभाव तो नहीं होना चाहिए। वंचित वर्ग की पहचान कर ही परियोजना का लाभ मिले। विशेषज्ञों ने कहा कि शिकायत प्रकोष्ठ का किस स्तर पर है, इसका भी ध्यान रखा जाए। इसके अलावा परियोजना के कारण कार्बन उत्सर्जन तो नहीं हो रहा है या मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका है? इन सभी पहलुओं का ध्यान रखने की जरूरत होगी। कार्यशाला में श्रम प्रबंधन प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इस दाैरान परियोजना निदेशक कहकशां नसीम, संयुक्त निदेशक डा. एके. डिमरी, उपनिदेशक डॉ. एसके सिंह, डाॅ. डीएस रावत, डाॅ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, अजय कुमार आदि उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। जलागम निदेशालय में पर्यावरण एवं सामाजिक अभिमुखीकरण विषय पर आयोजित कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में विश्व बैंक के विशेषज्ञ ईवा व अनुपम जोशी ने कहा कि उत्तराखंड जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि परियोजना (यूसीआरआरएफपी) में पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिगत कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। कहा कि परियोजना में किसी तरह का भेदभाव तो नहीं होना चाहिए। वंचित वर्ग की पहचान कर ही परियोजना का लाभ मिले। विशेषज्ञों ने कहा कि शिकायत प्रकोष्ठ का किस स्तर पर है, इसका भी ध्यान रखा जाए। इसके अलावा परियोजना के कारण कार्बन उत्सर्जन तो नहीं हो रहा है या मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की आशंका है? इन सभी पहलुओं का ध्यान रखने की जरूरत होगी। कार्यशाला में श्रम प्रबंधन प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इस दाैरान परियोजना निदेशक कहकशां नसीम, संयुक्त निदेशक डा. एके. डिमरी, उपनिदेशक डॉ. एसके सिंह, डाॅ. डीएस रावत, डाॅ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, अजय कुमार आदि उपस्थित थे।