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ग्राफिक एरा में हिन्दी में भी होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई
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हिंदी माध्यम वाले छात्रों को भी अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ग्राफिक एरा डीम्ड विवि में इसी सत्र से हिंदी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने प्रदेश में एकमात्र केंद्र के रूप में ग्राफिक एरा का चयन किया है। विवि में 180 सीटों के साथ इस कोर्स की शुरूआत होने जा रही है।
ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि नैक में ए ग्रेड पाने और देश के टॉप-100 विवि में शामिल होने के बाद विवि की यह बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार ने विवि को देश के उन 14 चुनिंदा संस्थानों में शामिल किया है, जहां अब क्षेत्रीय भाषा में भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी। उन्होंने बताया कि अब कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स अब 60-60 सीटों के साथ हिंदी में भी चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र खुल गए हैं। युवाओं को अब तक पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। वहीं, कई प्रतिभाशाली युवाओं का इंजीनियर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया।
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ग्राफिक एरा एजुकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि नैक में ए ग्रेड पाने और देश के टॉप-100 विवि में शामिल होने के बाद विवि की यह बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार ने विवि को देश के उन 14 चुनिंदा संस्थानों में शामिल किया है, जहां अब क्षेत्रीय भाषा में भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी। उन्होंने बताया कि अब कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स अब 60-60 सीटों के साथ हिंदी में भी चलाए जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि इससे हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्र खुल गए हैं। युवाओं को अब तक पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। वहीं, कई प्रतिभाशाली युवाओं का इंजीनियर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाया।
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