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Uttarakhand: टांडा रेंज में गुज्जरों के ठिकानों और मदरसों पर चला बुलडोजर, वन क्षेत्र में अवैध तरीके से थे बने

Thu, 19 Oct 2023 08:37 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 19 Oct 2023 08:37 AM IST
सार

वन विभाग के बुलडोजर ने सभी कब्जों को ध्वस्त कर दिया। अभियान के नोडल अधिकारी  धकाते के मुताबिक, तराई क्षेत्र के टांडा रेंज में अतिक्रमण को लेकर मीडिया में आई खबरों को मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग ने गंभीरता से लिया।

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Encroachment bulldozers Gujjar hideouts and madrassas removed in Tanda range Dehradun uttarakhand news
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन विभाग का बुलडोजर बुधवार को कुमाऊं की तराई के केंद्रीय वन मंडल की टांडा रेंज में गरजा। वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के अभियान की चपेट में इस बार गुज्जरों के ठिकाने और वहां बना दिया गया मदरसा आया।

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वन विभाग को शिकायत मिली थी कि बाहरी राज्यों के गुज्जर इस वन क्षेत्र में अवैध रूप से बसे हैं और उन्होंने अनधिकृत रूप से मदरसा बना दिया है। वन विभाग के बुलडोजर ने सभी कब्जों को ध्वस्त कर दिया है। अभियान के नोडल अधिकारी डॉ.पराग मधुकर धकाते के मुताबिक, तराई क्षेत्र के टांडा रेंज में अतिक्रमण को लेकर मीडिया में आई खबरों को मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग ने गंभीरता से लिया।

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एक एकड़ वन भूमि पर बने धार्मिक अतिक्रमण को हटाया गया
जिला प्रशासन ऊधमसिंह नगर और तराई सेंट्रल फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई में यह अतिक्रमण ध्वस्त किया गया। वहां एक एकड़ वन भूमि पर बने धार्मिक अतिक्रमण को हटा दिया गया। यहां अवैध रूप से मदरसा बनाया गया था। इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।

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धार्मिक स्थल बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती
डॉ.धकाते ने बताया कि पूर्व में भी यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिए गए थे, लेकिन नियमानुसार जंगल की जमीन को खाली नहीं किया गया। इसलिए आज सख्त कार्रवाई को बाध्य होना पड़ा। उन्होंने बताया कि जंगल में किसी भी प्रकार का धार्मिक स्थल बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। यदि कोई बनाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कारवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे मामलों में विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।

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एनएच के किनारे भी हटाएंगे अतिक्रमण

हाईकोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रीय राज मार्गों के किनारे फॉरेस्ट लैंड से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करके ही अतिक्रमण हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा और कोई भी धार्मिक चिन्ह जंगल में नही बनने दिया जाएगा।

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