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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : उत्तराखंड में साढ़े तीन लाख से अधिक युवाओं के लिए खुले हैं रोजगार के दरवाजे

Sun, 02 Aug 2020 01:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 02 Aug 2020 01:00 AM IST
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Employment doors open for more than three and a half lakh youth in Uttarakhand
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

प्रदेश सरकार के स्तर पर थोड़ी से कोशिश और बाजार के रुख में तालमेल बना तो वर्ष 2021-22 में प्रदेश में करीब 3.68 लाख युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के दरवाजे खुले होंगे। यह अनुुमान है पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स की शुक्रवार को जारी की गई स्किल डेवलपमेंट रिपोर्ट का। 

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रिपोर्ट की खास बात ये भी है कि रोजगार का यह बाजार पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बताया गया है। पर्यटन में सबसे अधिक संभावना है। सरकार को बस इस क्षेत्र में नए उभर रहे अवसरों को चिह्नित करना है। 
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एपण, बांस और रिंगाल और तांबा उद्योग को ही देखा जाए तो थोड़े से निवेश में ही इन सेक्टरों में छलांग लगाई जा सकती है। एपण का बाजार 54 करोड़ से बढ़कर 560 करोड़ हो सकता है। जरूरत है तो मात्र 54 करोड़ रुपये की वर्किंग कैपिटल की। इसी तरह 252 करोड़ के बांस एवं रिंगाल उद्योग को 262 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जा सकता है। तांबा उद्योग में भी पर्याप्त संभावना है।
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इसमें कुछ करोड़ के निवेश से अच्छा खासा बाजार तैयार किया जा सकता है। कृषि, आटो, लाइफ साइंस, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, पर्यटन, टेक्सटाइल सहित 18 सेक्टर में साढ़े तीन लाख से अधिक की रोजगार क्षमता का अनुमान लगाया गया है। 

कौशल एवं क्षमता विकास के लिए अलग-अलग योजनाओं में काम किया जा रहा है। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को मिल गई है। इसका अध्ययन कराकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- हरक सिंह, श्रम एवं कौशल विकास मंत्र

एपण

2017-18
काम करने वाले - 5374
बाजार - करीब 54 करोड़
2021-22
काम करने वाले - 7537
बाजार - 560 करोड़
वर्किंग कैपिटल जिसकी जरूरत होगी - करीब 54 करोड़

बांस एवं रिंगाल 
2017-18
काम करने वाले-75340
बाजार-करीब 252 करोड़
2021-22
काम करने वाले-83282
बाजार -262 करोड़
वर्किंग कैपिटल जिसकी जरूरत होगी - करीब 13.5 करोड़

तांबा उद्योग
2017-18
काम करने वाले -1000
बाजार - 12.5 करोड़
2021-22
काम करने वाले - 1403
बाजार - 32.8 करोड़
वर्किंग कैपिटल जिसकी जरूरत होगी - 1.64 करोड़

- 14 प्रतिशत हथकरघा एवं हस्तशिल्प में मांग। 
- 43 प्रतिशत मांग पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में।
- 12 प्रतिशत मांग होगी वेलनेस सेक्टर में।

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