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पुलिसिया कहर, दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

Wed, 17 Sep 2014 08:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 17 Sep 2014 08:18 AM IST
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employees beaten by police.
मंगलवार को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच के लिए सड़क पर उतरे उपनल कर्मचारियों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। हालांकि, विवाद की शुरुआत एक कर्मचारी द्वारा पुलिस पर डंडा फेंकने से हुई। इसके बाद पुलिस ने उपनल कर्मचारियों को जहां देखा वहीं पर जमकर पीटा।
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पुलिस के लाठीचार्ज में करीब 30 कर्मचारी घायल हो गए। इसी बीच पांच उपनल कर्मचारी पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। टंकी के नीचे भारी फोर्स तैनात की गई। देर शाम मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद सभी टंकी से नीचे उतर गए।
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नियमितीकरण और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों की बहाली की मांग के समर्थन में उपनल कर्मचारी कई दिनों से परेड ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

सोमवार को सचिवालय कूच के बाद उपनल कर्मचारी महासंघ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया था, लेकिन जिलाधिकारी चंद्रेश यादव ने इसकी मंजूरी नहीं दी।
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जिधर जगह मिली उधर भागे, चढ़े टंकी पर

employees beaten by police.

बावजूद इसके प्रदेश भर से आए करीब 500 कर्मचारी जुलूस के रूप में परेड ग्राउंड से सीएम आवास की ओर निकल पड़े। लेकिन परेड ग्राउंड से बाहर निकलते ही पुलिस ने लैंसडौन चौक पर कर्मचारियों के जुलूस को रोक लिया।

यहां पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इसी दौरान किसी प्रदर्शनकारी ने एक दारोगा पर डंडा फेंक दिया। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई।

दारोगा को डंडा लगते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी, जिससे भगदड़ मच गई। पुलिस से बचने के लिए प्रदर्शनकारी आसपास की गलियों में भाग गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर जमकर पीटा।

कुछ देर बाद अलग-अलग दिशाओं में भागे कुछ प्रदर्शनकारी सर्वे चौक पर इकठ्ठा हो गए और समाज कल्याण विभाग की तरफ जाने लगे। यहां भी पुलिस ने उन्हें रोक लिया और दोबारा लाठियां बरसा दी।

इसी दौरान पांच प्रदर्शनकारी भाग कर समाज कल्याण परिसर के भीतर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक नीचे नहीं उतरने का ऐलान किया। देर शाम सीएम के आश्वासन पर सभी नीचे उतरे।

सीएम ने दिया आश्वासन, तो टंकी से उतरे

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देर शाम उपनल कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत से उनके आवास पर मिला। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया। इस पर मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विधायक गणेश जोशी ने बताया कि उपनल कर्मचारी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव एसएस संधू से फोन पर बात भी की। उन्होंने निकाले गए सभी कर्मचारियों को वापस लेने के निर्देश दिए। उसके बाद मुख्यमंत्री ने उपनल के प्रतिनिधि मंडल को अन्य मांगों पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक गणेश जोशी प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे और पांचों प्रदर्शनकारियों को पानी के टंकी से नीचे उतारा।

ये हैं कर्मचारियों की मांगे
उपनल कर्मचारी को 2013 में संविदा कर्मियों के लिए प्राख्यापित विनियमितीकरण नियमावली 2013 में सम्मिलित किया जाए।
हटाए गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए।
भविष्य में किसी भी कर्मचारी को न हटाया जाए।

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