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विद्यालयी शिक्षा के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा पर भी जोर : डॉ. रावत

Fri, 14 Nov 2025 08:07 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 14 Nov 2025 08:07 PM IST
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Emphasis on vocational education along with school education: Dr. Rawat
- शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का विमोचन किया
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- 11 कक्षा से स्वेच्छा से विषयों का चयन कर सकेंगे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी के माध्यम से तैयार पाठ्यचर्या विद्यालयों की कार्य संस्कृति और प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाने में सक्षम है। नई पाठ्यचर्या बच्चों में भारतीयता की भावना को मजबूत करते हुए विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर भी फोकस किया गया है।
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि इसके तहत छात्र-छात्राएं विभिन्न ट्रेड की पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही पिरूल-रिंगाल क्राफ्ट, मशरूम उत्पादन, फूलों की खेती, जैम-जैली खाद्य प्रसंस्करण जैसे स्थानीय शिल्प और कौशल आधारित विषय छात्रों को रोजगारपरक दिशा प्रदान करेंगे। कला, खेल, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कक्षा 11 से छात्रों को अपने रुचि अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता भी दी गई है, जिससे वे भविष्य की आवश्यकताओं एवं अपनी अभिरुचियों के अनुसार अध्ययन कर सकेंगे।
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240 दिवस का शैक्षणिक सत्र तय किया गया
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पाठ्यचर्या के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुल 240 दिवस का शैक्षणिक सत्र तय किया गया है। जिसमें 200 शिक्षण दिवस पठन-पाठन, 20 दिवस परीक्षा व मूल्यांकन तथा 10-10 दिवस बस्ता रहित व अन्य कार्यक्रमों के लिए तय किए गए हैं। पाठ्यचर्या में प्रीपेटरी या प्राथमिक स्तर पर कक्षा तीन से पांच तक छह विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। मिडल या उच्च प्राथमिक स्तर पर छात्र नौ विषयों का अध्ययन करेंगे, जबकि सेकेंडरी स्टेज या माध्यमिक स्तर पर 10 विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने सड़क सुरक्षा के नियमों पर आधारित जन-जागरूकता ऑडियो-वीडियो गीतमाला का भी लोकार्पण किया। इसमें सड़क सुरक्षा संदेशों को सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, उप निदेशक एससीईआरटी आकांक्षा राठौर आदि मौजूद थे।
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