डीजल न मिलने से सेहत की 'सवारी' ठप
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उत्तराखंड में जीवनदायिनी साबित हो रही 108 सेवा और खुशियों की सवारी एंबुलेंस का संचालन पटरी पर नहीं आ रहा है।
डीजल न मिलने के कारण रविवार को 15 और एंबुलेंस के पहिये थम गए। इनमें 108 सेवा की नौ और खुशियों की सवारी के तहत चलने वाली छह एंबुलेंस शामिल हैं।
इससे पहले शनिवार को प्रदेश में 60 एंबुलेंस का संचालन ठप हो गया था। एक साथ 75 एंबुलेंस न चलने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में 108 सेवा की एंबुलेंस आपात स्थिति के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाती है। इसी तरह खुशियों की सवारी एंबुलेंस पर गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल और फिर जच्चा-बच्चा को घर तक पहुंचाने का जिम्मा है।
उत्तराखंड में इसका संचालन जीवीके ईएमआरआई कंपनी करती है। लेकिन बकाया भुगतान न होने पर पेट्रोल पंप वालों ने कंपनी को ईंधन देना बंद कर दिया है। इस कारण एक के बाद एक एंबुलेंस का संचालन ठप हो रहा है।
मिशन ने मांगा ब्योरा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नीरज खैरवाल ने जीवीके ईएमआरआई कंपनी से बकाया बजट का ब्यौरा मांगा है। कंपनी के संचालकों के मुताबिक, ईंधन और मरम्मत के काम का 12 करोड़ रुपये बकाया है। अभी बजट मंगलवार तक ही पहुंचने की संभावना है।
108 एंबुलेंस कब कहां हुई ठप
जिला - शनिवार - रविवार - कुल
देहरादून - 7 - 2 - 9
चमोली - 2 - 4 - 6
नैनीताल - 6 - 3 - 9
पौड़ी- रुद्रप्रयाग - 2 - 1 - 3
टिहरी - 9 - 1 - 10
ऊधम सिंह नगर - 7 - तीन शुरू - 4
उत्तरकाशी - 4 - --- - 4
अल्मोड़ा - शून्य - 1 - 1
खुशियों की सवारी
जिला - शनिवार - रविवार - कुल
अल्मोड़ा - 2 - --- - 2
चमोली - 2 - 1 - 3
चंपावत - 2 - --- - 2
देहरादून - 3 - --- - 3
पौड़ी - 1 - 2 - 3
पिथौरागढ़ - 4 - 1 - 5
टिहरी - 4 - 1 - 5
उत्तरकाशी - 2 - --- - 2
रुद्रप्रयाग - 1 - 1 - 2
...और जाने लगी जान
टिहरी के चंबा में अंगीठी में जल रहे कोयले की गैस लगने से एक वृद्धा की मौत हो गई, जबकि उनका पति बेहोश हो गया। उन्हें उपचार के लिए एक निजी चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन उन्होंने डीजल नहीं होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए थे।
शनिवार रात को डंडासली गांव निवासी श्याम चंद रमोला (75) और उनकी पत्नी सुरजा देवी (65) खाना खाने के बाद कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। रविवार सुबह काफी देर तक जब उनका दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसी अनार चंद ने उनके बेटे दिनेश चंद्र को सूचना दी।
दिनेश की चंबा में दुकान है। दिनेश के आने के बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो वृद्ध दंपति बेहोश पड़े हुए थे। आसपास के अन्य लोग भी वहां पहुंचे। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया, तो 108 कॉल सेंटर ने सेवा देने से हाथ खडे़ कर दिए।
तब परिजनों ने पास से किसी डाक्टर को बुलाया, तो डाक्टर ने सुरजा देवी को मृत घोषित कर दिया और श्याम चंद को बेहोश बताया। तब परिजन आनन-फानन में प्राइवेट वाहन से वृद्ध को उपचार के लिए किसी तरह चिकित्सालय लाए, जहां उनकी स्थिति में सुधार है।
ग्राम प्रधान बसंती सजवाण, धर्म चंद रमोला, उत्तम असवाल का कहना है कि 108 आपातकालीन सेवा में डीजल उपलब्ध नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।