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राहत पहुंचाने वाली 108 को खुद राहत की दरकार
अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Sat, 19 Oct 2013 05:51 PM IST
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बीमार लोगों राहत पहुंचाने के मकसद से उत्तराखंड में शुरु की गई आपतकालीन 108 सेवा इन दिनों खुद बीमार है।
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लोग खासे परेशान
कोटद्वार के विकास खंड रिखणीखाल क्षेत्र में 108 सेवा न होने से लोग खासे परेशान हैं। एंबुलेंस नहीं होने से लोगों को गंभीर रोगियों, गर्भवती महिलाओं और घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च कर निजी वाहनों की बुकिंग करनी पड़ रही है।
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रिखणीखाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी रहने वाली 108 एंबुलेंस बीते नौ अक्तूबर को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उसके बाद वाहन को सही कराने के लिए भेज दिया गया। लेकिन विभाग ने क्षेत्र के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करना उचित नहीं समझा।
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रिखणीखाल से गंभीर मरीजों को कोटद्वार लाया जाता है। इसके लिए इन दिनों प्राइवेट वाहनों को ही बुक कराना पड़ रहा है। प्राइवेट वाहनों की कोटद्वार तक बुकिंग करीब ढाई हजार रुपए तक पड़ती है। जो सभी लोगों के लिए संभव नहीं है।
क्या कहते हैं लोग
क्षेत्र में 108 नहीं होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए थी। लेकिन जनता की दिक्कतों का स्वास्थ्य विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है।
- भूपेंद्र भारद्वाज, ग्राम बयेला
लोगों को सही समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। इमरजेंसी में लोग 108 को फोन कर रहे हैं तब पता चल रहा है कि 108 नहीं आएगी। उसके बाद लोगों को अपनी व्यवस्था खुद ही करनी पड़ रही है।
- योगेश्वर प्रसाद, निवासी बनगढ़ रिखणीखाल
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