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अब टांडा जंगल में मरा मिला हाथी
अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Sun, 17 Nov 2013 10:02 PM IST
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वन्यजीवों पर शामत आई हुई है। अब टांडा जंगल में हाथी मरा मिला है। वनाधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही हाथी की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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रामनगर वन प्रभाग में 11 नवंबर को हाथी मरा मिला था। इसकी उम्र करीब 20 साल थी। इस हाथी के मौत के सही कारणों का आज तक पता नहीं चल सका है। आसपास की स्थिति से अंदाजा लगाया गया था कि आपसी संघर्ष में संभवत: मौत हुई होगी। अब तराई केंद्रीय वन प्रभाग के अधीन टांडा रेंज में वन कर्मियों को गश्त में एक नर हाथी (20 वर्ष) मरा मिला है। इसके दांत आदि सुरक्षित बताएं जा रहे हैं।
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वन महकमा इसे प्रथमदृष्टया स्वाभाविक मौत बता रहा है। वन संरक्षक पश्चिम वृत्त विवेक पांडे का कहना है हाथी का शव करीब तीन किलोमीटर जंगल के अंदर मिला है। उस पर किसी तरह हमले, चोट आदि के निशान नहीं है। डीएफओ एसपी सिंह का कहना है कि सोमवार को पोस्टमार्टम होगा, जिसकी रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
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जहर से तो नहीं हो रहा शिकार!
हाथी आए दिन खेतों में घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में एक-बाद एक हष्टपुस्ट हाथियों के मरने को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। आशंका है कि कहीं बदले की भावना से हाथियों को जहर देकर मारा तो नहीं जा रहा है। कुछ इसी तरह संदिग्ध परिस्थितियों में तेंदुआ भी कई दिनों तक मरे मिल रहे थे।
हाल की घटनाएं
- 11 नवंबर को रामनगर जंगल में मरा मिला एक हाथी।
- 31 अक्तूबर को क्यारी के पास खिचड़ी में बाघिन मरी मिली, उम्र डेढ़ साल