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अभी भी अंधेरे में डूबे हैं उत्तराखंड के 97 गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:32 AM IST
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बिजली संकट
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आपदा और भारी बारिश से बिगड़ी प्रदेश की विद्युत व्यवस्था अभी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाई है। अब भी प्रदेश के 97 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। आपदा और बारिश से प्रभावित लोगों का दिन तो किसी तरह कट जा रहा है, लेकिन बिजली गुल होने से रात को भय और बढ़ गया है।
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पिथौरागढ़ और चमोली में आपदा समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश से पांच दिन पहले 1184 गांवों विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। इसमें ज्यादातर गांव पर्वतीय क्षेत्रों के हैं। उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन ने युद्ध स्तर पर कार्य कर 1184 में से 1087 गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी है। जबकि, 97 गांवों में अब भी विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हैं।
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चमोली जिले के घाट में 90 गांवों में विद्युत लाइनें खराब होने से बिजली गुल थी। यहां 40 गांव में आपूर्ति बहाल हो गई है। जबकि, 50 गांवों के लोग अब भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
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पिथौरागढ़ में भी आपूर्ति बाधित
इसी तरह, पिथौरागढ़ के कनालीछिना के बिजली व्यवस्था से प्रभावित 60 गांवों में से 12 और डीडीहाट के 158 में से 14 गांवों में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। मुनस्यारी के विद्युत प्रभावित 191 गांवों में से 17 और डुंडा, मोरी, कपकोट व पोखरी के एक गांव में अब भी विद्युत आपूर्ति बाधित है।
कॉरपोरेशन के निदेशक (मानव संसाधन) और प्रवक्ता पीसी ध्यानी ने बताया कि कॉरपोरेशन की टीमें विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के लिए क्षतिग्रस्त लाइनों को युद्ध स्तर पर दुरुस्त कर रही हैं। सभी विद्युत बाधित गांवों में शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।