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उत्तराखंड के उद्योगों को लगा बिजली का तगड़ा झटका
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 04 Oct 2013 10:02 AM IST
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बिजली के रोजाना चार घंटे चले जाने से अकेले सितंबर माह में उत्तराखंड में उद्योगों में 150-200 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
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स्थानीय इकाईयों समेत एक्सपोर्ट यूनिट्स इससे खासा परेशान हैं। इनमें ज्यादातर इंजीनियरिंग इक्विपमेंट्स, रबर, प्लास्टिक, आयल फील्ड इक्विपमेंट जैसी यूनिट्स शामिल हैं। राज्य में अकेले एक्सपोर्ट यूनिट्स की बात करें तो उनकी संख्या 100 से अधिक है।
उद्योगों पर टुकड़ों-टुकड़ों में पड़ रही मार
दिक्कत यह है कि बिजली की यह मार उद्योगों पर टुकड़ों-टुकड़ों में पड़ रही है। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर बिजली लगातारचार घंटे के लिए चली जाए तो भी झेलें, लेकिन इसके टुकड़ों में गायब होने और अघोषित कटौती से ज्यादा दिक्कत हो रही है।
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सेलाकुई, ऊधम सिंह नगर, काशीपुर, सिडकुल, भगवानपुर जैसे तमाम औद्योगिक क्षेत्रों में हालात खराब हैं। इधर प्लांट वार्म अप होता है, उधर बिजली चली जाती है। ऐसे में उसे दोबारा वार्म अप करने में बेतहाशा बिजली खर्च होती है। उस पर यह भी पता नहीं होता कि इस बीच बिजली जाएगी या नहीं। विशेष रूप से एक्सपोर्ट यूनिट्स के लिए सरकार को इस संबंध में सहूलियत की सोचनी चाहिए।
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दिवाली, क्रिसमस पर क्या होगा
दिवाली, क्रिसमस जैसे त्योहार देखते हुए कई सारी यूनिट्स के लिए चुनौती सामने है। बिजली के हालात यही रहे तो उनके लिए इन त्योहारों के लिए मिला ऑर्डर समय पर पूरा कर पाना मुश्किल होगा।
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