अगले साल से बिजली का बिल देगा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्युत उपभोक्ताओं पर बिजली के बिल का भार बढ़ने वाला है। सूत्रों के मुताबिक यह भार चार से 20 फीसदी तक हो सकता है। बृहस्पतिवार को यूजीवीएनएल की बोर्ड बैठक में बिजली की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है।
अब नियामक आयोग इस पर अंतिम फैसला लेगा। अगर आयोग प्रस्ताव मान लेता है तो अगले वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलेगी।
आपदा के मद्देनजर विद्युत नियामक आयोग ने दो साल से विद्युत दरें नहीं बढ़ाई थीं। माना जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष से बिजली की दरों का बढ़ना तय है। बोर्ड के प्रस्ताव में अलग-अलग विद्युत गृहों की दरों का निर्धारण किया गया है।
अब नियामक आयोग पर निर्भर है कि वह किस दर को हरी झंडी देता है। अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड ने जो दरें बढ़ाई हैं उन पर उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) विद्युत उत्पादन गृहों से बिजली खरीदता है। यूपीसीएल को महंगी बिजली मिलेगी तो उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली की दरें भी बढ़ा दी जाएंगी।
प्रस्ताव के आधार पर बदलेगा टैरिफ
बोर्ड की बैठक में 10 विद्युत गृहों के अलावा यमुना वैली के पांच विद्युत गृहों के टैरिफ को भी शामिल किया गया था। यमुना वैली के प्रोजेक्ट से हिमाचल प्रदेश को बिजली बेची जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड की बैठक में वर्ष 2013-14 में बिजली खरीद के वास्तविक व्यय के आंकड़े के लिहाज से यह टैरिफ तैयार किया गया है। इसी आधार पर अगले साल के लिए निर्धारित टैरिफ में फेर-बदल कर दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2014-15 का टैरिफ प्रस्ताव अगली बैठक में तैयार किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव ऊर्जा उमाकांत पंवार ने की। इस मौके पर यूपीसीएल के एमडी एसएस यादव, जल विद्युत ऊर्जा निगम के एमडी जीपी पटेल, निदेशक वित्त सीपी मदान आदि रहे।