Uttarakhand: दूसरे साल भी अप्रैल में बिजली मांग का आंकड़ा चार करोड़ यूनिट पार, आपूर्ति की चुनौती बढ़ने के आसार
वर्ष 2019 में प्रदेश में अप्रैल माह में बिजली की औसत मांग 3.70 करोड़ यूनिट थी। इस महीने में 30 अप्रैल को अधिकतम 4.21 करोड़ मिलियन यूनिट मांग पहुंची थी। वर्ष 2020 में अप्रैल में बिजली की औसत मांग बढ़कर 2.5 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई थी। इस साल सर्वाधिक 2.8 करोड़ की मांग 16 अप्रैल को दर्ज की गई थी
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प्रदेश में लगातार दूसरे साल अप्रैल माह में बिजली की औसत मांग चार करोड़ यूनिट रिकॉर्ड हुई है। इससे पहले 2019 से 2021 तक अप्रैल माह में अधिकतम बिजली की मांग 3.70 करोड़ यूनिट तक थी। यूपीसीएल के लिए मई में बिजली मांग पांच करोड़ यूनिट तक पहुंचने के मद्देनजर आपूर्ति की चुनौती बढ़ने के आसार हैं।
कोरोना लॉकडाउन व इससे पहले यूपीसीएल के लिए बिजली आपूर्ति जितनी आसान थी, अब उससे कहीं ज्यादा मुश्किल हो गई है। वर्ष 2019 में प्रदेश में अप्रैल माह में बिजली की औसत मांग 3.70 करोड़ यूनिट थी। इस महीने में 30 अप्रैल को अधिकतम 4.21 करोड़ मिलियन यूनिट मांग पहुंची थी। वर्ष 2020 में अप्रैल में बिजली की औसत मांग बढ़कर 2.5 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई थी। इस साल सर्वाधिक 2.8 करोड़ की मांग 16 अप्रैल को दर्ज की गई थी।
2021 में औसत मांग 3.6 करोड़ यूनिट रिकॉर्ड हुई, जिसमें आठ अप्रैल को अधिकतम 3.9 करोड़ यूनिट मांग रिकॉर्ड हुई थी। 2022 यूपीसीएल के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। अप्रैल माह में ही बिजली की औसत मांग 4.28 करोड़ यूनिट रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें 30 अप्रैल को अधिकतम मांग 4.82 करोड़ यूनिट थी।
बिजली मांग का आंकड़ा 5 करोड़ यूनिट तक का है पहुंच सकता
इस साल अप्रैल माह की औसत मांग 4 करोड़ यूनिट आ रही है, जिसमें अब तक 18 अप्रैल को सर्वाधिक 4.52 करोड़ यूनिट मांग रिकॉर्ड हुई है। वर्तमान में राज्य में बिजली की मांग 4.3 करोड़ यूनिट के इर्द-गिर्द चल रही है। माना जा रहा है कि मई माह में बिजली मांग का आंकड़ा 5 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकता है।
जून माह में ज्यादा किल्लत के आसार
मई माह के लिए तो यूपीसीएल ने बिजली का इंतजाम कर लिया है, लेकिन मई के आखिर या जून के पहले सप्ताह से किल्लत बढ़ सकती है। जून माह में केंद्र के गैर आवंटित कोटे से मिलने वाली बिजली कम हो जाएगी तो अन्य जगहों की बिजली भी कम होगी। लिहाजा, यूपीसीएल फिलहाल जून माह की तैयारी में जुटा हुआ है।
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मई माह के लिए हमने तैयारी की हुई है। जून में बिजली उपलब्धता की कोशिश की जा रही है। लगातार दूसरे साल बिजली की मांग का ट्रेंड बढ़ा हुआ देखा जा रहा है। -अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल