Electricity Crisis: उत्तराखंड में अगले 10 दिन गर्मी से फिर बढ़ेगी बिजली की किल्लत, शुरू हो सकती है कटौती
पिछले साल जून में भारी गर्मी के बीच बिजली की अधिकतम मांग 14 जून को 5.5 करोड़ यूनिट तक रिकॉर्ड हुई थी। अभी जून की शुरुआत की बात करें तो बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट तक चल रही है।
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उत्तराखंड में मौसम में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग फिर 4.5 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंचने लगी है। मौसम विभाग ने जिस हिसाब से आगामी 10 दिन में गर्मी बढ़ने के आसार जताए हैं, उसके तहत आने वाले समय में बिजली की किल्लत पैदा हो सकती है। हालांकि, यूपीसीएल प्रबंधन का कहना है कि उसके पास अभी पर्याप्त बिजली के इंतजाम हैं।
पिछले साल जून में भारी गर्मी के बीच बिजली की अधिकतम मांग 14 जून को 5.5 करोड़ यूनिट तक रिकॉर्ड हुई थी। अभी जून की शुरुआत की बात करें तो बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट तक चल रही है। इसके सापेक्ष यूपीसीएल के पास केंद्रीय पूल, राज्य पूल व गैर आवंटित कोटे से इतनी ही बिजली उपलब्ध है। लेकिन अगर अगले 10 दिन में गर्मी बढ़ती है तो बिजली की ये मांग भी बढ़ सकती है। चूंकि, मैदानी राज्यों में भारी गर्मी के बीच बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है।
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बाजार में भी बिजली महंगे दामों पर मिलेगी। ऐसे में यूपीसीएल के लिए बिजली की पूरी आपूर्ति करना चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है। एक बार फिर बिजली कटौती शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर के ग्रामीण इलाकों में इस सप्ताह बिजली कटौती शुरू हो सकती है। हालांकि, यूपीसीएल प्रबंधन का दावा है कि सरकार के स्तर से हुई कवायदों के चलते इस बार बिजली की भारी किल्लत जैसे हालात पैदा नहीं होंगे। जितनी मांग बढ़ेगी, उसके सापेक्ष बाजार से बिजली ली जा सकेगी।
बारिश से मिली राहत, राज्य का उत्पादन भी बढ़ा
पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से बिजली उत्पादन में भी राहत मिली है। यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन बढ़ गया है। वर्तमान में यूजेवीएनएल से करीब 1.2 करोड़ यूनिट तक बिजली मिल रही है। 20 जून के बाद मानसून आने की सूरत में राज्य का उत्पादन और बढ़ सकता है।