{"_id":"b3a36a737de7cefd6b0c00474ffa67b9","slug":"electricity-crisis-in-uttarakhand-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में गहराया विद्युत संकट, कटौती बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में गहराया विद्युत संकट, कटौती बढ़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 Feb 2016 03:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ने पर बृहस्पतिवार को उत्तराखंड में विद्युत संकट गहरा गया। मांग और उपलब्धता में अंतर आने पर प्रदेश में विभिन्न जगह घंटों बिजली कटौती करनी पड़ी। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के अफसर कुछ लोड घटने पर डिस्पैच सेंटर से अधिक बिजली लेने की अनुमति लेने की कोशिश करते रहे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को मांग बढ़ने की वजह से नेशनल ग्रिड में लोड बढ़ गया। लोड बढ़ने पर नार्दर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर (एनआरएलडीसी) द्वारा उत्तर भारत के सभी राज्यों को अपना लोड कम करने के निर्देश दिए गए। राज्य की कुल विद्युत मांग तीन करोड़ 72 लाख 50 हजार यूनिट रही।
विज्ञापन
कई क्षेत्रों में कटौती
केंद्रीय पूल से आज उत्तराखंड को एक करोड़ 37 लाख 50 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन मिला। राज्य के जल विद्युत गृहों में 80 लाख 90 हजार यूनिट बिजली प्राप्त हुई। यूपीसीएल ने हरियाणा से बैंकिंग से 200 मेगावाट बिजली लेनी भी जारी रखी।
विज्ञापन
इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से भी अतिरिक्त बिजली खरीदकर मांग और उपलब्धता के अंतर को दूर करने का प्रयास किया गया। फिर भी राज्य के हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे तक की कटौती की गई। पर्वतीय क्षेत्रों और औद्योगिक एरिया में पांच घंटे तक की बिजली कटौती हुई।
यूपीसीएल के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि बिजली की कमी को देखते हुए यूपीसीएल ने आज (शुक्रवार) के लिए 50 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली की खरीद कर ली है।