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जनता के सवालों की बौछार से नेताजी की बोलती बंद

Sun, 13 Apr 2014 03:14 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 13 Apr 2014 03:14 PM IST
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राजधानी देहरादून के गली-मोहल्लों में चुनावी महासमर की बिसातें बिछ चुकी हैं। हर दल के प्रत्याशी समर्थकों की टोलियों के साथ लोगों के दरवाजे पहुंच रहे हैं लेकिन नेताओं के लिए यह चुनाव बीते चुनावों से कुछ जुदा है।

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नेताओं को भी जवाब देते नहीं बन रहा
नेता जैसे ही हवा-हवाई बातें शुरू करते हैं लोग फौरन उनकी निगाह जमीनी हकीकत की तरफ मोड़ देते हैं। सत्ताधारी दल के नेता तो आसानी से फंसते नजर आते हैं लेकिन विरोधी दल के नेताओं को भी जवाब देते नहीं बन रहा।
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नेताओं के लिए सबसे अझेल युवा वोटर हो रहे हैं। टिहरी लोकसभा के 30 हजार नए वोटरों पर सभी दलों की निगाह है। लेकिन अब नेता इनसे भाग रहे हैं। एक बानगी देखिए।
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पलटन बाजार में अभी तक कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पद यात्रा कर चुके हैं। कोतवाली के सामने इस साल फ्रेश वोटरों की एक टोली है।

एक दूसरे को कोसने में लगे नेता
जब कांग्रेस के नेता पहुंचे तो इन लोगों ने सीधा सवाल किया कि आदर्श आचार संहिता तो अभी लगी है पांच साल में विकास कार्य क्यों नहीं कराए? जब भाजपा और आम आदमी पार्टी की टीम पहुंची तो उन्होंने कांग्रेस को कोसा।

इस पर युवाओं ने छूटते पूछा कि समाज सेवा करनी है तो चुनाव की घोषणा के पहले क्षेत्र में क्यों नहीं आए? बच्चों जैसे सवाल नेताओं की बोलती बंद कर दे रहे हैं।


युवा वोटरों ने गूगल पर सर्च करके बहुत से आंकड़े रट रखे हैं जो नेताओं को याद नहीं हैं। महासमर की शुरुआत में यह एसिड टेस्ट प्रत्याशियों को भारी लग रहा है।

नेताओं के पांच दावे
- हर हाथ को रोजगार उपलब्ध कराएंगे
- खाद्य सुरक्षा योजना लागू हो गई है
- वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि बढ़ा दी
- आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में विकास कार्य कराया
- सरकार बनने पर व्यावसायिक इंस्टीट्यूट खोलेंगे

जनता का काउंटर
- मोहल्ले के स्कूल में मास्टर नहीं आते, उन्हें बुला पाएंगे
- राशन कार्ड तो पहले बनवाइये, कोटेदार के यहां राशन आता नहीं
- इस जमाने में आठ सौ रुपए में कौन महीने भर खा सकता है
- पीने का पानी नहीं है, साल भर से हैंडपंप खराब है
- गरीब जब पढ़ पाएंगे तभी तो इंस्टीट्यूट में जाएंगे

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