उत्तराखंड की सीटों पर 'हाईकमान' की नजर
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बीजेपी और कांग्रेस ने उत्तराखंड में चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में अपने स्टार नेताओं को बुलाकर ये जता दिया है कि कोई भी ये गढ़ आसानी से छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
उत्तराखंड की पांचों सीटों पर कुल 74 प्रत्याशियों का भविष्य 7 मई को ईवीएम के अंदर बंद हो जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मतदानकर्मियों को रविवार को ही भेज दिया गया जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए सोमवार और मंगलवार को कर्मियों को भेजा गया।
प्रदेश में स्वच्छ और साफ सुथरी वोटिंग के लिए प्रदेश को 189 जोन एवं 1025 सेक्टर में विभक्त किया गया है। इनमें 34 जोन व 200 सेक्टर संवेदनशील श्रेणी में शामिल किए हैं।
हरिद्वार सीट पर है कांटे की लड़ाई
हरिद्वार सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है लेकिन क्षेत्रीय दल यहां पर उलटफेर कर सकते हैं। भाजपा से जहां पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक मैदान में हैं वहीं कांग्रेस से वर्तमान सीएम हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत के मैदान में है। हरीश रावत इसी सीट से 15वीं लोकसभा में सांसद थे।
हरिद्वार सीट पर बसपा डार्क हार्स साबित हो सकती है। पिछले चुनाव में बसपा ने इस सीट पर डेढ़ लाख वोट हासिल किए थे। विधानसभा चुनावों मे भी बसपा ने हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली दो विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार बसपा को मायावती के दलित-मुसलिम समीकरण का सहारा है।
सपा भी इस सीट पर अपना मजबूत दावा जता रही है। सपा यहां से एक बार संसद में भी कदम रख चुकी है। वहीं आप की कंचन भट्टाचार्य भी शहरी मतदाताओं में अपना असर दिखा सकती हैं।
टिहरी: भाजपा-कांग्रेस में है मुख्य मुकाबला
टिहरी सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा की माला राज्य लक्ष्मी शाह और कांग्रेस के साकेत बहुगुणा के बीच है। माला राज्यलक्ष्मी शाह जहां इस सीट से निवर्तमान सांसद हैं और इसी सीट से 2012 के लोकसभा के उपचुनाव में साकेत बहुगुणा को हरा चुकी हैं। शाह को मोदी लहर का भरोसा है।
साकेत बहुगुणा को अपने पिता और पूर्व मुख्यंमंत्री और साकेत बहुगुणा के नाम का भरोसा है। वहीं इस सीट पर आम आदमी पार्टी के अनूप नौटियाल भी मजबूती के साथ खड़े हैं शहरी मतदाताओं के आप के प्रति झुकाव का फायदा अनूप नौटियाल को हो सकता है। टिहरी सीट का बड़ा हिस्सा मैदानों में भी आता है।
पौड़ी: खंडूड़ी और हरक के बीच है जंग
पौड़ी सीट पर प्रदेश के भाजपा के दिग्गज और पूर्व सीएम खंडूड़ी और हरक रावत के बीच कांटे की टक्कर है। इस सीट पर जहां भाकपा माले से इंद्रेश मैखुरी तथा आम आदमी पार्टी से राकेश सिंह नेगी चुनाव मैदान में प्रमुख प्रत्याशी हैं।
सतपाल महाराज के भाजपा में आने से इस बार इस सीट पर समीकरण बदले हैं। खंडूड़ी को जहां अपनी साफ सुथरी छवि और मोदी लहर का भरोसा है वहीं हरक सिंह रावत मैदान में कांग्रेस की सरकार के काम की वजह से जीत का दावा कर रहे हैं।
मैखुरी को जहां पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रचार का लाभ मिल सकता है वहीं राकेश सिंह नेगी को शहरी क्षेत्र के मतदाताओं का भरोसा है।
नैनीताल भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला
नैनीताल सीट पर कांग्रेस ने वर्तमान सांसद केसी सिंह बाबा को फिर मैदान में उतारा है तो भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी चुनाव मैदान में हैं।
वहीं कोश्यारी और उनके समर्थकों का कहना है कि बाबा के खिलाफ क्षेत्र के लोगों की नाराजगी और मोदी लहर पर भरोसा कर रहे हैं वहीं बाबा मोदी लहर से इनकार कर रहे है और इस बार भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
अल्मोड़ा पर हरीश और मोदी के बीच जंग
अल्मोड़ा सुरक्षित सीट पर कांग्रेस से निवर्तमान सांसद प्रदीप टम्टा और भाजपा के अजय टम्टा मैदान में हैं पर यहां मुकाबला प्रत्याशी के बीच न होकर मोदी और हरीश रावत के बीच है।
अल्मोड़ा हरीश रावत का क्षेत्र रहा है और हरीश रावत इस सीट से मुरली मनोहर जोशी को हरा चुके हैं। इस बार इस सीट पर हरीश की प्रतिष्ठा भी इस सीट पर लगी हुई है।