मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए निर्वाचन आयोग ने बनाया नया सॉफ्टवेयर, जल्द होगा लाांच
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दो-दो जगह वोट बनाने का फर्जीवाड़ा अब आसानी से पकड़ में आ जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने इस फर्जीवाड़े से निपटने के लिए इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रीकरण अफसर (ईआरओ नेट) सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो 10 अक्तूबर के बाद लांच हो जाएगा।
साफ्टवेयर में आयोग अब देश भर के मतदाताओं के नाम शामिल करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने यह जानकारी पत्रकार वार्ता के दौरान दो-दो जगह मत बनाए जाने के प्रकरणों के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि देश भर के मतदाताओं की अब एक मतदाता सूची होगी, जिसे ईआरओ नेट सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर की मदद से उन मामलों को पकड़ने में आसानी हो जाएगी, जिनमें एक व्यक्ति द्वारा दो स्थानों की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की संभावना रहती है।
11960 मामले पकड़े
विशेष तौर पर ऐसे प्रकरणों में जो दो राज्यों की मतदाता सूची से संबंधित हैं। ऐसे मामलों में निर्वाचन विभाग के पास कार्रवाई का कोई प्रभावी तंत्र नहीं था। अब ऐसे मामले पकड़ में आते ही आयोग राज्य निर्वाचन विभाग को इसकी सूचना देगा और फिर मतदाता सूची में तत्काल संशोधन कर दिया जाएगा। इससे मतदाता सूची पूरी तरह से त्रुटि मुक्त हो जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक अक्तूबर 2016 से चले मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान 11960 मतदाता ऐसे पकड़ में आए, जिन्होंने दो-दो जगह नाम दर्ज करा रखे थे। इस अवधि में 56148 मतदाताओं के नाम मृत्यु हो जाने के कारण सूची से हटाए गए।
उन्होंने कहा कि 10 अक्तूबर 17 तक मतदाता सूची का खाका तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत राज्य में 75 लाख 37 हजार 195 मतदाता हैं। पिछले विधानसभा में 75 लाख 12 हजार 559 मतदाता थे। इस अवधि में 24638 मतदाता बढ़े हैं। वर्ष 2013 से वर्ष 2017 के दौरान मतदाताओं की संख्या में 9,35,803 की बढ़ोतरी हुई है।