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चुनाव 2022: हिमाचल में भाजपा को झटका, उत्तराखंड में खटका, ये माने जा रहे हार के कारण

Wed, 03 Nov 2021 04:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 03 Nov 2021 04:40 PM IST
सार

उत्तराखंड में भाजपा पूरी तरह से चुनावी रंग में आ गई है। एक सरकारी कार्यक्रम के बहाने राज्य में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा कराई जा चुकी है। इस जनसभा के जरिये शाह ने चुनावी बिसात बिछाई तो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ आ रहे हैं।

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election 2022: Shock to BJP in Himachal hit in Uttarakhand also, it is believed that due to defeat
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड में आसन्न विधान सभा चुनाव के बीच सत्तारूढ़ भाजपा के लिए पड़ोसी राज्य हिमाचल से अच्छी खबर नहीं आई है। हिमाचल में भाजपा को लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटों पर करारी शिकस्त मिली है। एक सीट पर तो उसके प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो गई है। हिमाचल में लगे इस चुनावी झटके से उत्तराखंड भाजपा को भी खटका लग गया है।  

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उत्तराखंड में भाजपा पूरी तरह से चुनावी रंग में आ गई है। एक सरकारी कार्यक्रम के बहाने राज्य में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जनसभा कराई जा चुकी है। इस जनसभा के जरिये शाह ने चुनावी बिसात बिछाई तो अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ आ रहे हैं। पार्टी के दोनों महारथियों की उत्तराखंड में पदार्पण के जरिए भाजपा चुनावी माहौल अपने पक्ष में करना चाहती है। लेकिन विपक्ष उसे महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार घेरने का प्रयास कर रहा है।
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हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र की मंडी लोकसभा सीट और जुब्बल कोटखाई, अर्की, फतेहपुर विधानसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत की गूंज की अनुगूंज उत्तराखंड को भाजपा को निश्चित तौर पर सुनाई दी होगी। बेशक भाजपा हिमाचल के उपचुनाव को उत्तराखंड की विधानसभा चुनाव की राजनीतिक परिस्थितियों से भिन्न मान रही है, लेकिन नतीजों की कहानी यदि उलटी होती तो यही जीत भाजपा के चुनाव प्रचार का सबसे बड़ा हथियार बनती। लेकिन अब यह अस्त्र सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रही कांग्रेस के हाथों में आ गया है। माना जा रहा है कि हिमाचल में उपचुनाव की जीत के बहाने कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और सत्तारोधी रुझान के मुद्दे के और तेजी से हवा देगी। 
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हिमाचल और उत्तराखंड में काफी समानताएं  
सियासी जानकारों की मानना है कि भौगोलिक और सामाजिक एकरूपता के साथ ही हिमाचल और उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों में भी काफी समानताएं हैं। उत्तराखंड में विधानसभा की 70 सीटें हैं, जबकि हिमाचल में दो कम 68 विधानसभा सीटें हैं। दोनों राज्यों में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और विकास के एजेंडे पर ही चुनावी सियासत गरमाती है और चुनाव होते हैं।  

हिमाचल में लोकतंत्र की जीत हुई। जनता के हाथ में जो ताकत है, उसका सदुपयोग हुआ है। पार्टी इस जीत से गदगद है। केंद्र और राज्यों में भाजपा सरकारों को इस शर्मनाक हार से सबक लेते हुए लफ्फाजी छोड़ जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

- गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तुलना हिमाचल के उपचुनाव से नहीं की जा सकती है। प्रदेश में आगामी चुनाव में भाजपा अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सरकार की कमान है। राज्य के युवाओं में जबर्दस्त उत्साह है। पार्टी ने अबकी बार 60 पार का नारा दिया है। पार्टी 60 से अधिक सीटें जीतकर इस नारे को चरितार्थ करेगी।
- कुलदीप कुमार, प्रदेश महामंत्री, भाजपा

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