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Dehradun News: 72 वर्षीय बुजुर्ग से दिनदहाड़े झपटमारी, बहादुर छात्र ने बदमाश को दबोचा
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टिहरी नगर फेज-एक के पास बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े राह चलते 72 वर्षीय बुजुर्ग से स्कूटर सवार दो बदमाशों ने हैंड बैग छीन लिया और फर्राटा भरने लगे। तभी बुजुर्ग का शोर सुनकर सामने से आ रहे दून विश्वविद्यालय के एक छात्र ने गजब की हिम्मत दिखाई।
उसने अपने स्कूटर से बदमाशों के स्कूटर में टक्कर मार दी। स्कूटर सवार दो बदमाश जैसे ही गिरे, छात्र ने फुर्ती से एक बदमाश को दबोच लिया। उसकी पिटाई लगाकर बुजुर्ग का बैग वापस दिलाया। छात्र की हिम्मत देखकर दूसरा बदमाश मौके से भाग खड़ा हुआ। तब तक भीड़ और फिर पुलिस भी पहुंच गई। बाद में लोगों ने भी पकड़े गए बदमाश की पिटाई लगा दी। पुलिस उसके दूसरे साथी की तलाश कर रही है।
बुजुर्ग की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हालांकि उसमें आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी नहीं है लेकिन वारदात के शिकार बने बुजुर्ग अतर सिंह राणा ने अमर उजाला को बताया कि बहादुर युवक की वजह से वह लुटने से बच गए। युवक ने बड़ी हिम्मत और बहादुरी के साथ बदमाशों को न सिर्फ भागने से रोका, बल्कि एक बदमाश को अकेले पकड़ भी लिया। यह देख दूसरा बदमाश डरकर भाग खड़ा हुआ।
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बुजुर्ग दोपहर लगभग ढाई बजे घर जा रहे थे, तभी पीछे से नीले रंग के स्कूटर पर आए दो युवकों ने उन्हें निशाना बनाया। बदमाशों को लगा था कि वह बैंक से आ रहे हैं और उनके हैंड बैग में बड़ी नकदी होगी। वे उनका नीला हैंडबैग छीनकर भंडारी चौक की तरफ भाग रहे थे। बैग में मोबाइल फोन, दो बैंक की पासबुक, आधार कार्ड और वोटर कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।
उल्लेखनीय है कि शहर में इस साल यह तीसरी झपटमारी की वारदात है। हालांकि पुलिस ने पिछली दोनों घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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अंग्रेजी ऑनर्स का छात्र है बहादुर युवक
बदमाश को पकड़ने वाले युवक का नाम अग्रांशु ग्रोवर (25) है। वह टिहरी नगर में ही रहता है। दून विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) कर रहा है। अमर उजाला से बातचीत में अग्रांशु ने बताया कि वह स्कूटर से कहीं जा रहा था, तभी बुजुर्ग मदद के लिए चिल्लाते दिखे। वे स्कूटर सवार बदमाशों को पकड़ने के लिए कह रहे थे, जिससे मैं भांप गया कि स्कूटर पर झपटमार हैं। मैंने अपने स्कूटर से बदमाशों के स्कूटर में टक्कर मार दी, जिससे दोनों गिर गए। फिर एक बदमाश को काबू कर लिया। अग्रांशु ने कहा कि उसे नहीं लगता कि उसने कोई बहुत बड़ा काम किया लेकिन बुजुर्ग के काम आकर मन को खुशी जरूर मिली है।
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देर शाम पुलिस ने बनाई अलग कहानी
इस मामले में एसएसपी कार्यालय की ओर से देर शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अलग ही कहानी बताई गई। इसमें पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज की जांच के जरिये बदमाशों की जानकारी जुटाने और फिर मुखबिर की सूचना पर आरोपी बदमाश को खोज निकालने और दून यूनिवर्सिटी रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया। आरोपी की पहचान पटेलनगर थानाक्षेत्र की ब्रह्मपुरी कॉलोनी के रहने वाले निखिल वैश (24) के तौर पर की। पुलिस के अनुसार, वह एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया है। उसके पास छीने गए मोबाइल फोन की बरामदगी भी दिखाई है। साथ ही बताया है कि आरोपी नशे का आदी है और एनडीपीएस एक्ट और अन्य आपराधिक घटनाओं में जेल जा चुका है। पुलिस ने मामले में जब प्राथमिकी दर्ज की, उसमें आरोपी के मौके से भागने की बात लिखी। जबकि शिकायतकर्ता बुजुर्ग का कहना है कि, सच्चाई यह है कि अग्रांशु ने अपनी जान जोखिम में डालकर बदमाश को पकड़ा था। उन्होंने उसे मौके पर इनाम भी देना चाहा था लेकिन उसने विनम्रता से मना कर दिया।
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उसने अपने स्कूटर से बदमाशों के स्कूटर में टक्कर मार दी। स्कूटर सवार दो बदमाश जैसे ही गिरे, छात्र ने फुर्ती से एक बदमाश को दबोच लिया। उसकी पिटाई लगाकर बुजुर्ग का बैग वापस दिलाया। छात्र की हिम्मत देखकर दूसरा बदमाश मौके से भाग खड़ा हुआ। तब तक भीड़ और फिर पुलिस भी पहुंच गई। बाद में लोगों ने भी पकड़े गए बदमाश की पिटाई लगा दी। पुलिस उसके दूसरे साथी की तलाश कर रही है।
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बुजुर्ग की शिकायत पर नेहरू कॉलोनी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। हालांकि उसमें आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी नहीं है लेकिन वारदात के शिकार बने बुजुर्ग अतर सिंह राणा ने अमर उजाला को बताया कि बहादुर युवक की वजह से वह लुटने से बच गए। युवक ने बड़ी हिम्मत और बहादुरी के साथ बदमाशों को न सिर्फ भागने से रोका, बल्कि एक बदमाश को अकेले पकड़ भी लिया। यह देख दूसरा बदमाश डरकर भाग खड़ा हुआ।
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बुजुर्ग दोपहर लगभग ढाई बजे घर जा रहे थे, तभी पीछे से नीले रंग के स्कूटर पर आए दो युवकों ने उन्हें निशाना बनाया। बदमाशों को लगा था कि वह बैंक से आ रहे हैं और उनके हैंड बैग में बड़ी नकदी होगी। वे उनका नीला हैंडबैग छीनकर भंडारी चौक की तरफ भाग रहे थे। बैग में मोबाइल फोन, दो बैंक की पासबुक, आधार कार्ड और वोटर कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।
उल्लेखनीय है कि शहर में इस साल यह तीसरी झपटमारी की वारदात है। हालांकि पुलिस ने पिछली दोनों घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
अंग्रेजी ऑनर्स का छात्र है बहादुर युवक
बदमाश को पकड़ने वाले युवक का नाम अग्रांशु ग्रोवर (25) है। वह टिहरी नगर में ही रहता है। दून विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) कर रहा है। अमर उजाला से बातचीत में अग्रांशु ने बताया कि वह स्कूटर से कहीं जा रहा था, तभी बुजुर्ग मदद के लिए चिल्लाते दिखे। वे स्कूटर सवार बदमाशों को पकड़ने के लिए कह रहे थे, जिससे मैं भांप गया कि स्कूटर पर झपटमार हैं। मैंने अपने स्कूटर से बदमाशों के स्कूटर में टक्कर मार दी, जिससे दोनों गिर गए। फिर एक बदमाश को काबू कर लिया। अग्रांशु ने कहा कि उसे नहीं लगता कि उसने कोई बहुत बड़ा काम किया लेकिन बुजुर्ग के काम आकर मन को खुशी जरूर मिली है।
देर शाम पुलिस ने बनाई अलग कहानी
इस मामले में एसएसपी कार्यालय की ओर से देर शाम प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अलग ही कहानी बताई गई। इसमें पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के कई सीसीटीवी फुटेज की जांच के जरिये बदमाशों की जानकारी जुटाने और फिर मुखबिर की सूचना पर आरोपी बदमाश को खोज निकालने और दून यूनिवर्सिटी रोड से गिरफ्तार करने का दावा किया। आरोपी की पहचान पटेलनगर थानाक्षेत्र की ब्रह्मपुरी कॉलोनी के रहने वाले निखिल वैश (24) के तौर पर की। पुलिस के अनुसार, वह एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया है। उसके पास छीने गए मोबाइल फोन की बरामदगी भी दिखाई है। साथ ही बताया है कि आरोपी नशे का आदी है और एनडीपीएस एक्ट और अन्य आपराधिक घटनाओं में जेल जा चुका है। पुलिस ने मामले में जब प्राथमिकी दर्ज की, उसमें आरोपी के मौके से भागने की बात लिखी। जबकि शिकायतकर्ता बुजुर्ग का कहना है कि, सच्चाई यह है कि अग्रांशु ने अपनी जान जोखिम में डालकर बदमाश को पकड़ा था। उन्होंने उसे मौके पर इनाम भी देना चाहा था लेकिन उसने विनम्रता से मना कर दिया।