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फिरकी से इंडिया टीम को जीत दिलाती है पहाड़ की बेटी
दीप जोशी/ अमर उजाला, अल्मोड़ा
Updated Tue, 14 Jan 2014 12:40 PM IST
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अल्मोड़ा के खजांची मोहल्ले में रहने वाली एकता बिष्ट ने जिले के छोटे से स्टेडियम से अपने सफर की शुरुआत की थी।
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मैदान पर बहाया पसीना रंग लाया और बहुत जल्द उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में स्थान बना लिया। उनका असली कमाल देखने को मिला श्रीलंका में खेले गये टी-20 विश्व कप में।
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उत्तर प्रदेश की कप्तान भी रह चुकी हैं एकता
एकता ने हैट्रिक बना कर साबित कर दिया कि चुनौती कोई भी हो, बेटियां किसी से कम नहीं हैं। महिलाओं के टी-20 वर्ल्ड कप में यह अब तक की एकमात्र हैट्रिक है। वह पूर्व में उत्तर प्रदेश की कप्तान भी रह चुकी हैं और वर्तमान में भारतीय रेलवे की तरफ से खेल रही हैं।
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निम्न मध्यम वर्ग परिवार से ताल्लुक रखने वाली एकता की पढ़ाई अल्मोड़ा के साधारण स्कूलों में हुई है। वह बचपन में घर के पास हुक्का क्लब के आंगन में अपने साथियों के साथ शौकिया तौर पर क्रिकेट खेला करती थीं।
2002 में अभ्यास के लिए उन्होंने अल्मोड़ा के छोटे से स्टेडियम जाना शुरू किया। स्टेडियम के क्रिकेट कोच लियाकत अली एकता की प्रतिभा को पहचान गये। कोच ने उन्हें लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी का अभ्यास कराना शुरू कर दिया।
एकता स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही कुमाऊं विश्वविद्यालय की टीम में चयनित हो गईं। उत्तराखंड की महिला क्रिकेट टीम नहीं बन पाने के कारण बाद में वह उत्तर प्रदेश की टीम से खेलने लगीं। लगातार शानदार प्रदर्शन के आधार पर एकता जुलाई 2011 में भारतीय टीम में शामिल कर ली गईं।
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इसके बाद उन्होंने कई देशों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके टीम में अपना स्थान मजबूत बना लिया। वह कई बार ′वूमन ऑफ द मैच′ चुनी गईं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश की महिला क्रिकेट टीम का कप्तान भी बनाया गया लेकिन पिछले साल रेलवे में नौकरी लगने के बाद वह रेलवे की ओर से खेलने लगी हैं। एकता के पिता कुंदन सिंह बिष्ट और मां तारा देवी को अपनी इस बेटी पर बहुत गर्व है।
मिला लोगों का साथ
एकता ने अपनी पूरी प्रैक्टिस अल्मोड़ा में रहकर की। अभ्यास के दौर में घर की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं होने के कारण क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी और अन्य लोग एकता को खेलने के लिए बाहर भेजने में आर्थिक मदद भी किया करते थे।
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एकता भी मानती हैं कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में कोच लियाकत अली के अलावा कई लोगों का हाथ है।
भारत को विश्व विजेता बनाना है सपना
सितंबर 2012 में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप में लगातार तीन गेंदों पर श्रीलंका के तीन बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजने का कारनामा करने वाली एकता इसे अब तक की सबसे बड़ी सफलता मानती हैं।
अब एकता का सपना है इस साल होने वाले टी-20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाना।