उत्तराखंड में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर 18 झुलसे
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उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने की दो घटनाओं में 18 लोग झुलस गए। पहली घटना पौड़ी की ग्रामसभा चोपड़ा के कनखिल गांव में हुई, जहां 15 लोग वज्रपात की चपेट में आए। वहीं, रुड़की के पिरान कलियर में भी तीन लोग इसके शिकार बने। आंशिक रूप से झुलसे इन सभी लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पौड़ी के कनखिल गांव में रविवार शाम बारिश के दौरान आस-पड़ोस की महिलाएं देवेंद्र सिंह के घर में बैठी थीं। तभी शाम को करीब साढ़े छह बजे वज्रपात होने से घर में मौजूद देवेंद्र सिंह का पत्नी फगुणी देवी, प्रमिला देवी, कलावती देवी, मीना देवी, उर्मिला देवी, थगुणी देवी, रूब्बी देवी, गंगी देवी, विनीता देवी और बलवीर सिंह झुलसकर बेहोश हो गए। जबकि बच्चों में सुमित, शैलेंद्र सिंह, हेमंती, अनुजा, सिमरन, सचिन इसके शिकार बने।
बिजली गिरने से किसी के हाथ तो किसी के पैर में जख्म हो गया। पूर्व प्रधान बालम सिंह ने बताया कि रात में सभी को घरेलू और स्थानीय वैद्य से उपचार दिलाया गया और सोमवार को जिला अस्पताल पौड़ी लाया गया। जिला अस्पताल के डा. विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ितों ने चक्कर आने और घबराहट की शिकायत की है।
रुड़की में बस्ती में गिरी बिजली, झोपड़ी में लगी आग
उधर, रुड़की के पिरान कलियर में सोमवार दोपहर बाद दो बजे आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोग झुलस गए। उस वक्त आसमान पर घने काले बादल छाने के साथ ही तेज बारिश चल रही थी और बीच-बीच में तेज आवाज के साथ बिजली भी कड़क रही थी। तभी झुग्गी बस्ती पर अचानक बिजली गिरी और एक झोपड़ी में आग लग गई।
वज्रपात से झोपड़ पट्टी में रहने वाले जमशेद, साहिल और असर मामूली रूप से झुलस गए, जिनका उपचार निजी डॉक्टर के यहां चल रहा है। मामूली सामान भी जला है। गनीमत रही कि आकाशीय बिजली गिरने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।