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ईद-उल-जुहा: यहां 50 हजार में बिका सुल्तान, सवा लाख के हैं कालू और लालू
करन दयाल, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:31 PM IST
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बकरीद
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ईद-उल-जुहा की तैयारियों के बीच देहरादून की साप्ताहिक बाजार में बकरा खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। बाजार में तरह तरह के बकरे बिकने पहुंचे हैं। बाजार में अंबरसरी, राजस्थानी, पंजाबी, अमृतसरी, तोता, अजमेरी आदि नस्ल के बकरे हैं।
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आईएसबीटी के निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास लगे बकरा बाजार में पहुंचे राकेश कुमार का सुल्तान (बकरा) 50 हजार में बिका। सुल्तान अमृतसरी नस्ल का बकरा था। वहीं राकेश ने कालू और लालू की कीमत एक लाख 25 हजार रुपये रखी है। इसके अलावा बाजार में 10 से लेकर 90 हजार रुपये की कीमत के बकरे हैं।
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बाजार में 90 हजार रुपये की कीमत वाला बकरा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बकरे का वजन करीब डेढ़ क्विंटल है। राकेश सहारनपुर स्थित गांव हरपाल से बकरों को लेकर दून पहुंचे हैं। सुल्तान के मालिक राकेश कुमार ने बताया कि वह सुलतान, कालू और लालू को बादाम और चना खिलाते थे। तीनों को रोजाना 50 ग्राम बादाम और 100 ग्राम चना खाते थे। सुल्तान तो बिक चुका है। अब कालू और लालू की कीमत एक लाख 25 हजार रखी है। इस बाजार में सही दाम नहीं मिला तो दूसरी बाजार में ले जाएंगे। हालांकि आने वाले दिनों में बकरा बाजार में तेजी की उम्मीद है।
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10 से 90 हजार रुपये में भी हैं बकरे
ईद पर कुर्बानी के लिए लगी बकरा बाजार में 10 से 90 हजार रुपये तक के बकरे हैं। आम तौर पर कुर्बानी के लिए लोग 12 से 15 हजार रुपये तक के बकरे खरीदते हैं। कारोबारियों का कहना है कि अभी ईद में काफी समय है इसलिए बाजार में खरीदारों की रौनक कम है। वहीं बकरा बेचने वाले सूबे के ज्यादातर स्लॉटर हाउस बंद होने और मीट दुकानों पर लाइसेंस की शर्त लगाने को भी कारोबार में कमी का कारण मान रहे हैं।
स्लॉटर हाउस बंद होने से ग्रामीण इलाकों में बकरा पालन करने वाले किसानों के बकरे नहीं बिक रहे हैं। दुकानदार जीएसटी का हवाला देकर बकरों की अच्छी कीमत नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कुर्बानी कराने वाले मदरसों व अन्य जगहों पर बड़े जानवरों की कुर्बानी में हिस्सा लेते हैं, क्योंकि इसमें दो से पांच हजार रुपये में कुर्बानी हो जाती है।