उत्तराखंड में इबोला वायरस से हड़कंप, अलर्ट
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अफ्रीकी देशों में कहर बरपा रही इबोला बीमारी के खौफ का साया हज यात्रा पर भी पड़ता दिख रहा है।
उत्तराखंड सरकार ने सभी हजयात्रियों का विधिवत परीक्षण कराने और समुचित एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। हर यात्री को मास्क उपलब्ध कराने की बात भी कही जा रही है। राज्य हज कमेटी इसकी तैयारियों में जुट गई है।
इन दिनों हज यात्रा की तैयारियां चल रही हैं। संभवत: अगले महीने के अंत तक राज्य से जाने वाले हजयात्रियों को उड़ान का संदेश मिल सकता है, लेकिन इसी बीच इबोला वायरल का प्रकोप बढ़ने से सरकार चौकन्नी हो गई है।
हज कमेटी को पूरी सतर्कता बरतने के आदेश
राज्य सरकार की ओर से राज्य हज कमेटी को पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा है। हज कमेटी के चेयरमैन राव शेर मोहम्मद ने बताया कि शीघ्र ही हजयात्रियों का टीकाकरण कराया जाएगा।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाकर सभी यात्रियों को इबोला से बचने के लिए एहतियात के बारे में जानकारी दी जाएगी।
लक्षण और उपाय भी बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वैसे बीमारी से बचाव के लिए समुचित मास्क भी यात्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
अभी नहीं आई वैक्सीन
हज कमेटी के चेयरमैन के अनुसार, हज यात्रियों का टीकाकरण अभी तक इसलिए नहीं हो पाया है, क्योंकि वैक्सीन अभी राज्य को नहीं मिल पाई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर से आने वाली यह वैक्सीन दिल्ली में भी कुछ दिन पहले ही मिल पाई थी। इसके लिए केंद्र के अधिकारियों से वार्ता की गई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही वैक्सीन मिल जाएगी और टीकाकरण के शिविर देहरादून, पिरान कलियर स्थित हज हाउस में और ऊधमसिंह नगर में लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वैसे इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इबोला के प्रभाव वाले देशों के लोगों के लिए हज यात्रा स्थगित कर दी गई है।
इस बार घट गया हजयात्रियों का कोटा
उत्तराखंड के लिए इस बार हज यात्रा का कोटा कम कर दिया गया है।
हज कमेटी के अनुसार, पिछले साल 1100 यात्री राज्य से हज यात्रा पर गए थे लेकिन इस बार मक्का मदीना में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण दुनिया भर से आने वाले यात्रियों की संख्या में कमी कर दी गई है।
इस बार 4000 से ज्यादा आवेदन हजयात्रा के लिए आए थे, जिनमें से 850 को मंजूरी मिल पाई है। इनमें से करीब 430 हरिद्वार जिले के हैं।