धीरे-धीरे खिसक रहा हिमालय, दे रहा है बड़े भूकंप का संकेत
वैज्ञानिकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए भूकंप को लेकर अब उन्होंने एक और राज खोला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालय अब धीरे-धीरे खिसक रहा है। जो भविष्य में आने वाले एक बड़े भूकंप का संकेत है।
यह बात वैज्ञानिकों ने वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान में हिमालय के फॉल्ट जोन की स्थिति पर आयोजित व्याख्यान के दौरान कही। उनका कहना है कि हिमालय अपनी उत्पत्ति के समय से उत्तर से दक्षिण की तरफ खिसक रहा है। जिसकी गति प्रति वर्ष 40 मिलीमीटर है।
हैरानी की बात यह है कि करीब 80 किलोमीटर लंबाई का यह भूभाग उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के उत्तर से देहरादून के पास मोहंड क्षेत्र तक फैला है। उनका कहना है कि भूकंपीय फॉल्ट अधिक ढालदार होने से भूगर्भ में भूकंपीय ऊर्जा निरंतर संचित हो रही है।
1344 में हाई पावर के भूकंप का लगा था पता
उन्होंने बताया कि रामनगर व लालढांग के बीच वर्ष 1344 में हाई पावर का भूकंप आने का पता लगाया जा चुका है। इसलिए अब सर्तक रहना जरूरी है।उनका कहना है कि एक बार मुनस्यारी से मोहंड तक भूगर्भीय संरचना का अध्यय किया गया।
तब सामने आया हिमालय के खिसकने की गति मुनस्यारी के उत्तर से मोहंड के बीच 20 मिलीमीटर प्रतिवर्ष है। मुनस्यारी के उत्तर से लेकर मोहंड के बीच चार बड़े फॉल्ट क्षेत्र 10-15 किलोमीटर की गहराई में 70 से 80 डिग्री तक ढालदार स्थिति में हैं।
अध्ययन के बाद स्पष्ट हो पाया है कि हिमालय का एक भूभाग तो 40 मिलीमीटर प्रति वर्ष की दर से गति कर रहा है, जबकि दूसरे के 20 मिलीमीटर ही गति करने पर भूगर्भ में तनाव बढ़ रहा है। इससे सबसे बड़ा खतरा यह है कि इससे उच्च तीव्रता वाला भूकंप कभी भी आ सकता है।