यहां आ सकता है 900 एटम बम जितनी ऊर्जा वाला 8 तीव्रता का भूकंप, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
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हिमालयी क्षेत्र में भूंकप के खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि गढ़वाल समेत उत्तराखंड के पूरे मध्य हिमालयी क्षेत्र पर आठ से अधिक तीव्रता वाले भूकंप का खतरा है। यहां बड़ा भूकंप आए सात सौ साल गुजर चुके हैं।
विज्ञानियों का कहना है कि इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में भूगर्भीय ऊर्जा इकट्ठी हो गई है। 6 तीव्रता के भूकंप में हिरोशिमा में गिरे एक एटम बम जितनी ऊर्जा निकलती है। अगर 8 से अधिक तीव्रता का भूकंप आया तो इससे हिरोशिमा जैसे 900 एटम बम जितनी ऊर्जा निकलेगी।
भूकंप अगर आया तो पर्वतीय क्षेत्रों से अधिक तराई क्षेत्र को नुकसान होगा। दून घाटी को मसूरी से अधिक झटका लगेगा।
भूकंप का अंदेशा जाहिर किया गया
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बैनर तले भूकंप के खतरे के मद्देनजर ‘डिजास्टर रिजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर इन द हिमालयाज: अपॉरच्युनिटी एंड चैलेंजेज’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन वैज्ञानिक सत्रों में मेगा भूकंप का अंदेशा जाहिर किया गया।
इस मौके पर विज्ञानियों ने इस कथन को भी नकार दिया कि छोटे-छोटे भूकंप से बड़े भूकंप का खतरा टलता है। उनका कहना था कि छोटे भूकंप बड़े भूकंप की आहट होते हैं। उन्होंने बताया कि भूकंप की तीव्रता छह से बढ़कर अगर सात हुई तो इसकी शक्ति 31 गुना बढ़ जाती है।
एटमिक एनर्जी रेग्युलेटरी बोर्ड के सदस्य पद्मश्री प्रो. हर्ष के. गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक एक अंक बढ़ने पर भूकंपीय ऊर्जा उत्सर्जन में गुणात्मक बढ़त होती जाती है। विज्ञानियों ने बताया कि हिमालयी भूकंप का असर नदियों के बेसिन, तराई वाले हिस्से में अधिक आएगा।
पूरे उत्तर भारत पर पड़ेगा असर
यहां भूगर्भ में पानी होता है जो ऊर्जा के बाहर निकलने में आड़े आता है। इसी वजह से सख्त मिट्टी और चट्टानों की वजह से दून घाटी की तुलना में मसूरी को कम नुकसान होगा। भूकंप का असर यूपी, पंजाब, बिहार, दिल्ली समेत उत्तर भारत पर पड़ेगा।
नेशनल सेंटर फॉर सीइसमोलॉजी के डॉ. विनीत के. गहलौत ने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में भूकंप आने पर ढाई सौ किमी का क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। गढ़वाल क्षेत्र में 8 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप की ऊर्जा भरी होने का आकलन किया जा रहा है।
सत्र में वाडिया हिमालय भूगर्भ संस्थान के शोध के हवाले से बताया गया कि करीब सात सौ साल पहले रामनगर क्षेत्र में बड़ा भूकंप आया था। इसकी तीव्रता आठ से अधिक होने का विज्ञानियों ने आकलन किया है।