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Dehradun News: पर्यटकों से करोड़ों की कमाई, सुविधा के नाम पर कुछ नहीं
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गुच्चूपानी में रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं और करोड़ों रुपये का सालना राजस्व पर्यटन विभाग को देकर जाते हैं। पर उनकी सुविधा के लिए यहां कुछ नहीं है। इधर-उधर पड़ा कचरा, टूटे कूड़ेदान और जाम यहां व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रहे हैं। पर्यटकों के लिए निशुल्क शौचालय तक नहीं है।
घंटाघर से करीब 10 किमी की दूरी पर दून घाटी में बसा गुच्चूपानी एक प्राकृतिक जल स्रोत है। दोनों तरफ ऊंची पहाड़ी के बीच बहते पानी में चलने का रोमांच ही पर्यटकों को यहां अपनी ओर खींचता है। करीब 10 साल पहले इस स्थल को पर्यटन विभाग ने अपने अधीन ले लिया था ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके।
इसके लिए बाकायदा 35 रुपये प्रति पर्यटक टिकट लगाया गया। औसतन रोजाना यहां पर चार-पांच हजार पर्यटक आते हैं, पर पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। यहां निशुल्क सार्वजनिक शौचालय नहीं है। बैठने के लिए जहां बेंच रखी है, वहां सफाई नहीं होती। वह स्थान गंदगी से पटा पड़ा है। संवाद
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सड़क है संकरी, लगा रहता है घंटों तक जाम
मुख्य मार्ग से गुच्चूपानी तक ढलान वाला रास्ता करीब 900 मीटर का है। यह रास्ता संकरा है। इस मार्ग पर कई जगह और मोड़ ऐसे हैं, जहां दो गाड़ी एक साथ पास नहीं हो सकती। इस कारण यहां पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार-रविवार के दिन तो यहां पर जाम के कारण बुरा हाल हो जाता है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
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टूटे हैं कूड़ेदान, इधर-उधर कचरा डालते हैं लोग
गुच्चूपानी में कई जगह कूड़ेदान लगाए गए हैं। कई कूड़ेदान जर्जर होकर गल चुके हैं, जिनको आज तक बदला नहीं गया है। पर्यटक इधर-उधर पानी में कचरा डालते है। जिससे प्राकृतिक जल स्रोत दूषित हो रहा है। इस कूड़े की सफाई करने के लिए या फिर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए भी वहां कोई नजर नहीं आता है। यहीं नहीं यहीं पर जलाकर कूड़े का निस्तारण करने से पर्यावरण भी दूषित हो रहा है।
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पानी में गंदगी रहती है, कोई सफाई करने वाला नहीं है। यहां निरंतर सफाई होनी चाहिए ताकि आने वाले लोगों को अच्छा लगे। - रोहिन छेत्री, दुकानदार
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पर्यटक स्थल को साफ रखना सबका कर्तव्य है। बावजूद इसके कुछ लोग इसे गंदा करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - अनूप कुमार, दुकानदार
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कई बार अधिकारियों को समस्याओं के संबंध में जानकारी दे चुके हैं। अक्सर लोग शराब के नशे में अभद्रता करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। - नीरज जायसवाल, सुपरवाइजर
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प्रकाश व्यवस्था भी पूरी नहीं है। कर्मचारी कम है। जाम की समस्या का समाधान होना चाहिए। जब पर्यटन विभाग पैसा ले रहा है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए। - सागर लामा, निवर्तमान पार्षद
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बयान...
क्षमता से ज्यादा पर्यटक आते हैं। समय-समय पर सफाई कराई जाती है। बेंच लगवाया जाएगा। यदि किसी प्रकार की समस्या है तो उसको भी दूर कराया जाएगा। - सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी
घंटाघर से करीब 10 किमी की दूरी पर दून घाटी में बसा गुच्चूपानी एक प्राकृतिक जल स्रोत है। दोनों तरफ ऊंची पहाड़ी के बीच बहते पानी में चलने का रोमांच ही पर्यटकों को यहां अपनी ओर खींचता है। करीब 10 साल पहले इस स्थल को पर्यटन विभाग ने अपने अधीन ले लिया था ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके।
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इसके लिए बाकायदा 35 रुपये प्रति पर्यटक टिकट लगाया गया। औसतन रोजाना यहां पर चार-पांच हजार पर्यटक आते हैं, पर पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। यहां निशुल्क सार्वजनिक शौचालय नहीं है। बैठने के लिए जहां बेंच रखी है, वहां सफाई नहीं होती। वह स्थान गंदगी से पटा पड़ा है। संवाद
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सड़क है संकरी, लगा रहता है घंटों तक जाम
मुख्य मार्ग से गुच्चूपानी तक ढलान वाला रास्ता करीब 900 मीटर का है। यह रास्ता संकरा है। इस मार्ग पर कई जगह और मोड़ ऐसे हैं, जहां दो गाड़ी एक साथ पास नहीं हो सकती। इस कारण यहां पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार-रविवार के दिन तो यहां पर जाम के कारण बुरा हाल हो जाता है। लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
टूटे हैं कूड़ेदान, इधर-उधर कचरा डालते हैं लोग
गुच्चूपानी में कई जगह कूड़ेदान लगाए गए हैं। कई कूड़ेदान जर्जर होकर गल चुके हैं, जिनको आज तक बदला नहीं गया है। पर्यटक इधर-उधर पानी में कचरा डालते है। जिससे प्राकृतिक जल स्रोत दूषित हो रहा है। इस कूड़े की सफाई करने के लिए या फिर ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए भी वहां कोई नजर नहीं आता है। यहीं नहीं यहीं पर जलाकर कूड़े का निस्तारण करने से पर्यावरण भी दूषित हो रहा है।
पानी में गंदगी रहती है, कोई सफाई करने वाला नहीं है। यहां निरंतर सफाई होनी चाहिए ताकि आने वाले लोगों को अच्छा लगे। - रोहिन छेत्री, दुकानदार
पर्यटक स्थल को साफ रखना सबका कर्तव्य है। बावजूद इसके कुछ लोग इसे गंदा करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। - अनूप कुमार, दुकानदार
कई बार अधिकारियों को समस्याओं के संबंध में जानकारी दे चुके हैं। अक्सर लोग शराब के नशे में अभद्रता करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई जरूरी है। - नीरज जायसवाल, सुपरवाइजर
प्रकाश व्यवस्था भी पूरी नहीं है। कर्मचारी कम है। जाम की समस्या का समाधान होना चाहिए। जब पर्यटन विभाग पैसा ले रहा है तो सुविधाएं भी देनी चाहिए। - सागर लामा, निवर्तमान पार्षद
बयान...
क्षमता से ज्यादा पर्यटक आते हैं। समय-समय पर सफाई कराई जाती है। बेंच लगवाया जाएगा। यदि किसी प्रकार की समस्या है तो उसको भी दूर कराया जाएगा। - सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी