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बच्ची की सांस नली में फंसी ईयर रिंग, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान
Tue, 07 May 2019 10:14 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चम्पावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चम्पावत
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 07 May 2019 10:14 AM IST
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दिल्ली के कलावती सरन चिल्ड्रंस अस्पताल में ऑपरेशन के बाद वार्ड में बालिका कामिनी फर्त्याल।
- फोटो : अमर उजाला
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सांस नली में फंसी सोने की बाली को निकालकर चंपावत के लोहाघाट की बच्ची की जान बचा ली गई गई। दिल्ली के सरकारी अस्पताल में सोमवार को करीब डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद यह बाली निकाली जा सकी।
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इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी का सहारा लिया। सफल ऑपरेशन से बच्ची और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। लोहाघाट के स्व. कृष्ण सिंह फर्त्याल की बेटी कामिनी फर्त्याल (8) की सांस नली में सोने की बाली फंस गई थी।
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लोहाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, चंपावत जिला अस्पताल के बाद बच्ची को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया लेकिन संसाधनों के अभाव में उसकी सांस नली से बाली नहीं निकाली जा सकी। बच्ची को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
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यहां भी उपचार संभव नहीं हुआ तो बच्ची को पहाड़गंज के कलावती सरन बाल अस्पताल भेजा गया। परीक्षण के बाद सोमवार को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने ब्रोंकोस्कोपी के जरिये बच्ची का ऑपरेशन किया और सोने की बाली निकाल ली गई। बच्ची के परिजन गिरीश सिंह ने बताया कि बच्ची पूरी तरह ठीक है। अभी उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
क्या है ब्रोंकोस्कोपी विधि
इस विधि के तहत चिकित्सक श्वसन मार्ग और फेफड़े की जांच करते हैं। नाक या मुंह के माध्यम से एक पतली ट्यूब (ब्रोंकोस्कोप) को गले में डाला जाता है।