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Uttarakhand: ई-बसों ने दून की फिजाओं में 700 टन कार्बन घुलने से रोका, 17 लाख किमी का सफर तय किया

Wed, 15 Feb 2023 01:05 PM IST
रेनू सकलानी अश्वनी त्रिपाठी, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
अश्वनी त्रिपाठी, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 15 Feb 2023 01:05 PM IST
सार

स्मार्ट सिटी कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ महीनों में इन बसों ने 17 लाख किलोमीटर का सफर तय किया है। इतने सफर में करीब 4,41,000 लीटर डीजल की खपत होती, जिससे करीब 700 टन कार्बन निकलता। वहीं, ई-बसों ने करीब 10 लाख यूनिट बिजली खर्च की है।

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E-buses prevented 700 tons of carbon from dissolving in Dehradun atmosphere Uttarakhand news in hindi
इलेक्ट्रिक बसें - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

राजधानी में सस्ते व आरामदायक सफर की सुविधा दे रही स्मार्ट सिटी की 30 इलेक्ट्रिक बसों ने फिजाओं में 700 टन से कार्बन घुलने से रोक दिया। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने कुछ महीनों में 17 लाख किलोमीटर चलने वाली बसों से पर्यावरण संरक्षण के आंकड़ों में यह दावा किया है।

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देहरादून में पर्यावरण प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत राजधानी में आईएसबीटी से मालदेवता, सहसपुर, राजपुर, रायपुर, सेलाकुई, सहस्त्रधारा और एयरपोर्ट तक 30 ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ महीनों में इन बसों ने 17 लाख किलोमीटर का सफर तय किया है। इतने सफर में करीब 4,41,000 लीटर डीजल की खपत होती, जिससे करीब 700 टन कार्बन निकलता। वहीं, ई-बसों ने करीब 10 लाख यूनिट बिजली खर्च की है।
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ऐसे की कार्बन उत्सर्जन की गणना
स्मार्ट सिटी के सहायक अभियंता परिक्षित भंडारी ने बताया कि एक लीटर डीजल (0.85 किलोग्राम) में भारी वाहनों से करीब 1.5 किग्रा तक कार्बन उत्सर्जन होता है। इस तरह 4,41,000 लीटर डीजल जलने पर 700 टन से ज्यादा कार्बन का उत्सर्जन होता।

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दून में ऐसे बढ़ रहा प्रदूषण
वर्ष- पीएम-10
2011-138.32
2012-176.72
2013-168.12
2022-195.16

कार्बन उत्सर्जन से यह नुकसान
विशेषज्ञों के मुताबिक, वायुमंडल में कार्बन की मात्रा बढ़ने से पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा मिलता है। इससे बाढ़, सूखा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि असंतुलन का खतरा पैदा हो जाता है। वहीं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

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इलेक्ट्रिक बसों का शुरुआती प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। बसों से 700 टन से ज्यादा कार्बन का उत्सर्जन रोक पाना बड़ी उपलब्धि है। महानगर में ई-वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। -सोनिका, सीईओ, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड

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