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दुर्गाष्टमी पर कन्याओं की रही चांदी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 Oct 2013 08:00 PM IST
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दुर्गाष्टमी के अवसर पर शनिवार को राजधानी देहरादून में कन्याओं की चांदी रही। सुबह से घरों, मंदिरों और आश्रमों में सभी जगह देवी के रूप में बच्चियों को पूजा गया।
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सुबह से ही घर, मंदिर और आश्रम सभी जगह देवी का पूजन शुरू हो गया। मोहल्लों में लोग कन्याओं को ढूंढने लगे थे। कन्याओं की कमी के चलते लोगों ने पूजा कर मंदिरों में ही प्रसाद वितरित करने के लिए दे दिया।
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कई जगह लोगों ने नजदीकी आश्रमों में पहुंच बच्चियों को प्रसाद वितरित किया और दक्षिणा दी। टपकेश्वर स्थित माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर में कन्याओं का पूजन किया गया। मंदिर के आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि अष्टमी के मौके पर कूड़ा बीनने वाली गरीब बच्चियों को प्रसाद वितरित कर दक्षिणा दी गई।
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कालिका माता मंदिर में रात को कन्या पूजन हुआ। सुबह देवी का विशेष श्रृंगार किया गया। रात को माता की चौकी लगा प्रसाद बांटा गया। इस दौरान मंदिर पहुंची गरीब कन्याओं का पूजन कर उन्हें पेंसिल, कापी आदि भेंट की गईं। श्री श्याम सुंदर मंदिर में दुर्गा-सप्तशती पाठ किए गए। मंदिर समिति के प्रचार मंत्री भूपेंद्र चड्डा ने बताया कि नवमी के अवसर पर मंदिर में कन्या पूजन किया जाएगा।
बच्चियों ने की स्कूल की छुट्टी
टर्नर रोड स्थित अपना घर आश्रम में अष्टमी पूजन को लेकर बच्चियों में सुबह से ही क्रेज दिखाई दिया। आश्रम में रहने वाली 10 वर्षीय किट्टू ने संचालिका नाजिया से कहा कि मैं स्कूल नहीं जाऊंगी और फिर मुझे सबसे ज्यादा पैसे मिलेंगे। नाजिया ने बताया कि आश्रम में रहने वाली कम ही बच्चियां स्कूल गईं। निरंजनपुर स्थित स्वद्धार आश्रम में भी बच्चियों के पूजन के लिए सुबह से ही लोग पहुंच रहे थे। आश्रम में रहने वाली सबसे छोटी बच्ची पांच वर्षीय सानिया के पास सबसे ज्यादा गिफ्ट एकत्रित हुए। इससे वह बेहद खुश थी। इसके साथ ही शालू, मुस्कान, शांति, शीतल भी सुबह से ही पर्स लटकाए घूम रही थीं।
पैकेट्स दिए
-कई लोगों ने घरों में अष्टमी पूजन कर मंदिरों और आश्रमों में पैकेट्स बनाकर भी दिए। इनमें चॉकलेट, टॉफी, चिप्स, कुरकुरे, कोल्ड ड्रिंक की बोतलें आदि सामग्री थी। इसके साथ ही गिफ्ट में मग, फ्रॉक, ब्रेसलेट, चूड़ी, रुमाल आदि सामान भी दिया गया।