कांवड़ यात्रा स्थगित होने के कारण पूरी तरह सील नहीं होगी हरकी पैड़ी, अनुमति वाले श्रद्धालु आ सकेंगे
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के कारण हरकी पैड़ी को पूरी तरह सील नहीं किया जाएगा। अनुमति वाले श्रद्धालु और अस्थि विसर्जन के लिए आने वाले लोग हरकी पैड़ी पर पहले की तरह ही आते रहेंगे। हरकी पैड़ी पर केवल कांवड़ियों का आगमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय गंगा सभा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई शनिवार शाम हुई बैठक में लिया गया। पुलिस ने सभा के पदाधिकारियों और सभी पुरोहितों से अपील की कि वे भी अपने स्तर से प्रचार करें कि जल भरने कोई भी हरिद्वार न आए।
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के बाद हरकी पैड़ी पर आवाजाही के सभी रास्ते बंद करने के कयास चल रहे थे। पूरी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए शनिवार शाम हरकी पैड़ी पुलिस चौकी में गंगा सभा, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने हरकी पैड़ी पर सीलिंग प्रक्रिया न करने के बजाय नियमों का पालन कराने का सुझाव दिया।
निर्णय लिया गया कि हरकी पैड़ी आने जाने वाले सभी रास्ते खुले रहेंगे। महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि बाहरी प्रदेशों के लोग अनुमति प्राप्त करने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति के आने का सवाल ही नहीं उठता। लॉकडाउन की शर्तों का कड़ाई से पालन कराने में गंगा सभा पूरा सहयोग करेगी।
हरकी पैड़ी पर लोगों की आवाजाही पर नजर रहेगी
एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि कांवड़ यात्रा स्थगित होने पर हरकी पैड़ी पर लोगों की आवाजाही पर नजर रहेगी। हरकी पैड़ी पर पूर्व की तरह अस्थि विसर्जन करने वाले लोग आते रहेंगे। इसके अलावा स्थानीय निवासियों को शर्तों के अनुसार ही अनुमति दी जाएगी।
इसके लिए हरकी पैड़ी क्षेत्र और आसपास पूरी सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तैयारी की गई है। बैठक में गंगा सभा के स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल, सीओ सिटी पूर्णिमा गर्ग, नगर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह आदि शामिल हुए।
कोई कांवड़िया न करे हरिद्वार में प्रवेश : डीजीपी
पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने शनिवार को सभी जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने अनलॉक दो का पूर्णतया पालन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने हरिद्वार पुलिस को कांवड़ स्थगित होने की दशा में अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए। कहा कि किसी भी हाल में कोई कांवड़िया जिले में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
इसके साथ ही चारधाम वाले जिलों में सभी प्रकार की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद रखने के निर्देश भी डीजीपी ने दिए। उन्होंने यात्रा संबंधी सभी दिशा निर्देश का पालन कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कानपुर और तमिलनाडु की घटनाओं से भी सबक लेने को कहा। कहा कि ऐसी घटनाएं प्रदेश में न हों इसके लिए सतर्क रहें।
कांफ्रेंसिंग में डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, आईजी गढ़वाल रेंज अभिनव कुमार, आईजी फायर अमित सिन्हा, आईजी पुलिस आधुनीकिकरण वी मुरुगेशन, आईजी कुंभ संजय गुंजियाल, आईजी लॉ एंड आर्डर एपी अंशुमान, आईजी कार्मिक पुष्पक ज्योति, कमांडेंट एसडीआरएफ तृप्ति भट्ट आदि मौजूद रहे।