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Dehradun News: जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर 264 छात्र-छात्राएं
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वर्ष 1964 में किया गया था इमारत का निर्माण
विकासखंड कालसी अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कोटी कॉलोनी की इमारत अत्यंत जर्जर अवस्था में होने के कारण यहां पढ़ने वाले छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को लगातार खतरा बना हुआ है। कॉलेज में कुल 264 छात्र-छात्राएं तथा 21 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ कार्यरत है।
विकासखंड कालसी के खत विशायल के केंद्र बिंदु कोटी इछाडी क्षेत्र में वर्ष 1964 में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के जल विद्युत परियोजना संबंधी प्रोजेक्ट शुरू होने पर कोटी कॉलोनी में कॉलेज की इमारत बनाई गई थी। इमारत का स्वामित्व पूर्व में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग तथा उत्तराखंड बनने के पश्चात उत्तराखंड के सिंचाई विभाग का ही चला आ रहा है।
सिंचाई विभाग द्वारा इमारत की मरम्मत नहीं करवाई जाती है तथा शिक्षा विभाग इमारत का स्वामित्व न होने का हवाला देकर न ही इमारत की मरम्मत करवाता है और न ही अपनी नई इमारत बनाने को तैयार है। जिसका खामियाजा यहां पढ़ने वाले छात्र तथा शिक्षक भोगते चले आ रहे हैं।
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करीब 10 वर्षों से इमारत जगह-जगह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। विशेष तौर से वर्षा काल में लगभग सभी 12 कक्ष तथा एक हॉल में पानी टपकता है। बीते साल वर्ष वर्षा काल में इमारत में मलबा भर गया था। छात्रों व शिक्षकों की जान बाल-बाल बची थी। इस वर्ष भी वर्षा काल में इमारत जगह-जगह से टपक रही है। छतों का लिंंटर भी गिरने को है। वर्षा के चलते बाउंड्रीवॉल ढह गई है।
इमारत की जर्जर स्थिति के बारे में एसडीएम कालसी तथा जिलाधिकारी देहरादून को अवगत कराया जा चुका है। जमीन का स्वामित्व शिक्षा विभाग के नाम न होने के चलते नई इमारत नहीं बन पा रही है। फिलहाल जिला योजना से इमारत की फौरी मरम्मत के लिए 5.53 लाख स्वीकृत हुए हैं। जिससे मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। - प्रदीप कुमार, जिला शिक्षाधिकारी
इन गांवों के पढ़ते हैं छात्र
राजकीय इंटर कॉलेज कोटी कॉलोनी तहसील कालसी के खत विशायल का प्रमुख इंटर कॉलेज है। इसमें कोटी कॉलोनी, लेल्टा, डिमऊ, सराड़ी, रुपऊ, दोऊ, टिमरा, धमोग आदि ग्रामों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं।
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विकासखंड कालसी अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कोटी कॉलोनी की इमारत अत्यंत जर्जर अवस्था में होने के कारण यहां पढ़ने वाले छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को लगातार खतरा बना हुआ है। कॉलेज में कुल 264 छात्र-छात्राएं तथा 21 शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ कार्यरत है।
विकासखंड कालसी के खत विशायल के केंद्र बिंदु कोटी इछाडी क्षेत्र में वर्ष 1964 में सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के जल विद्युत परियोजना संबंधी प्रोजेक्ट शुरू होने पर कोटी कॉलोनी में कॉलेज की इमारत बनाई गई थी। इमारत का स्वामित्व पूर्व में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग तथा उत्तराखंड बनने के पश्चात उत्तराखंड के सिंचाई विभाग का ही चला आ रहा है।
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सिंचाई विभाग द्वारा इमारत की मरम्मत नहीं करवाई जाती है तथा शिक्षा विभाग इमारत का स्वामित्व न होने का हवाला देकर न ही इमारत की मरम्मत करवाता है और न ही अपनी नई इमारत बनाने को तैयार है। जिसका खामियाजा यहां पढ़ने वाले छात्र तथा शिक्षक भोगते चले आ रहे हैं।
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करीब 10 वर्षों से इमारत जगह-जगह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। विशेष तौर से वर्षा काल में लगभग सभी 12 कक्ष तथा एक हॉल में पानी टपकता है। बीते साल वर्ष वर्षा काल में इमारत में मलबा भर गया था। छात्रों व शिक्षकों की जान बाल-बाल बची थी। इस वर्ष भी वर्षा काल में इमारत जगह-जगह से टपक रही है। छतों का लिंंटर भी गिरने को है। वर्षा के चलते बाउंड्रीवॉल ढह गई है।
इमारत की जर्जर स्थिति के बारे में एसडीएम कालसी तथा जिलाधिकारी देहरादून को अवगत कराया जा चुका है। जमीन का स्वामित्व शिक्षा विभाग के नाम न होने के चलते नई इमारत नहीं बन पा रही है। फिलहाल जिला योजना से इमारत की फौरी मरम्मत के लिए 5.53 लाख स्वीकृत हुए हैं। जिससे मरम्मत का कार्य करवाया जाएगा। - प्रदीप कुमार, जिला शिक्षाधिकारी
इन गांवों के पढ़ते हैं छात्र
राजकीय इंटर कॉलेज कोटी कॉलोनी तहसील कालसी के खत विशायल का प्रमुख इंटर कॉलेज है। इसमें कोटी कॉलोनी, लेल्टा, डिमऊ, सराड़ी, रुपऊ, दोऊ, टिमरा, धमोग आदि ग्रामों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं।