{"_id":"590bff924f1c1b0b39442bfb","slug":"due-to-carelessness-of-officer-education-department-faces-loss","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा विभाग में दस अफसरों को एडवर्स एंट्री, वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा विभाग में दस अफसरों को एडवर्स एंट्री, वेतन रोका
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 May 2017 09:59 AM IST
विज्ञापन
धन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड शिक्षा विभाग के जनपद स्तरीय दस अधिकारियों की लापरवाही के चलते विभाग को वर्ष 2017-18 के लिए आवंटित 13 अरब 24 करोड़ की धनराशि नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
इस पर इन अधिकारियों को एडवर्स एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) देने के साथ अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया गया है। शिक्षा महानिदेशक आलोक शेखर तिवारी के आदेश पर शिक्षा निदेशक आरके कुंवर की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
एक ओर शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों को समय से वेतन नहीं मिल पा रहा है और बजट के अभाव में विभिन्न कार्य लटके हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर अधिकारियों की लापरवाही के चलते वर्ष 2017-18 के लिए आवंटित अरबों रुपये की धनराशि शासन से अवमुक्त नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विभाग की ओर से प्रदेश के समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वर्ष 2016-17 में जिलों को जारी हुए बजट की बचत धनराशि को 30 अप्रैल 2017 तक अनिवार्य रूप से सरेंडर कर दिया जाए। इसके बावजूद मुख्य शिक्षा अधिकारी पिथौरागढ़, मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार ने पिछले वित्तीय वर्ष की धनराशि को निर्धारित समय पर सरेंडर नहीं किया।
इसी मामले में वित्त अधिकारी माध्यमिक शिक्षा पिथौरागढ़, वित्त अधिकारी उत्तरकाशी, वित्त अधिकारी पौड़ी, वित्त अधिकारी टिहरी एवं वित्त अधिकारी हरिद्वार को भी प्रतिकूल प्रविष्ट दी गई है। बचत धनराशि समय पर सरेंडर न होने से शासन से 2017-18 का बजट जारी नहीं हो पाया। शिक्षा निदेशक ने अपने आदेश में कहा कि बजट समर्पण न करने, उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी एवं कार्य के प्रति उदासीनता के चलते यह कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई से विभाग में हड़कंप
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी की ओर से इन अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बाद में इन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पिछले वित्तीय वर्ष में जनपदों को आवंटित की गई धनराशि का निर्धारित समय पर सदुपयोग होना था। अक्तूबर और फरवरी महीने में यह धनराशि भेजी जाती है पर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से धनराशि खर्च नहीं की जा सकी। वहीं इसके सरेंडर में भी देरी हुई है, इस पर निदेशक को दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक