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सावधान, फूलों के परागकणों से फैल रहा एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस

Sat, 16 Apr 2022 01:06 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 16 Apr 2022 01:06 AM IST
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Dryness of eyes due to pollen grains of flowers
फूलों के परागकणों से आंखों में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस (ड्राइनेस) की समस्या से जहां लोग जकड़ रहे हैं, वहीं गर्मी में इंफेक्टेड कंजक्टिवाइटिस (आईफ्लू) के मरीज भी बढ़ रहे हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत कई सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज आंखों की बीमारियों का इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
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दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुशील कुमार ओझा ने बताया कि धूप, धूल, मिट्टी और धुएं के साथ ही आजकल फूल खिलने की वजह से भी आंखों में एलर्जी बढ़ रही है। फूलों के परागकणों से कई लोगों को फेफड़ों के साथ ही आंखों में भी एलर्जी हो जाती है। यानि एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस की समस्या होने लगती है, जिसमें आंखों में सूखापन और लालपन आता है। इसी तरह इंफेक्टेड कंजक्टिवाइटिस में बैक्टीरियल वायरस से संक्रमण बढ़ता है। गंदी अंगुलियां आंखों में लगाने, धूल-धुएं का विपरीत प्रभाव, बरसात व गंदे पानी में नहाने से यह बीमारी ज्यादा होती है।
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मक्खियों और हवा के माध्यम से वायरस आंखों तक पहुंचता है। संक्रमण इतना फैलने वाला होता है कि एक मरीज की आंखों में देखने से भी यह दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। डॉ. ओझा के मुताबिक, दोनों तरह के कंजक्टिवाइटिस को सामान्य बीमारी बिल्कुल भी न समझें। लापरवाही बरतने से कार्निया क्षतिग्रस्त हो सकती है। यहां तक कि मरीज अंधेपन का शिकार भी हो सकता है। आंखों में दिक्कत आने पर नजदीकी नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
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ड्राइनेस के लक्षण---
आंखों में जलन, खुजली, आंखों का लाल होना, आंखों से पानी आना, पलकों में सूजन होना, सांस लेने में दिक्कत, भींजने पर आंख कटती भी है।
आईफ्लू के लक्षण---
आंखों में कीचड़ आना, आंखों का चिपकना, आंख लाल होने के अलावा आंखों में सूजन भी आ सकती।
ऐसे करें बचाव---
धूल, मिट्टी और धुएं से बचने के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें, घर या दफ्तर में जब भी मौका मिले हाथ धोकर आरओ के पानी से आंखों को धोते रहें, आंखों को न रगड़ें और न मसलें, फूलों के बीच जाते वक्त भी चश्मा पहनकर रखें, आंखों में समस्या आने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।
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