अफगानिस्तान से भारत में पहुंच रहा ‘सफेद जहर’
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अफगानिस्तान से यूपी, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के सरहदी इलाकों में अफीम से ‘सफेद जहर’ हेरोइन पहुंच रहा है।
उत्तराखंड की सरहद से सटे यूपी, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के सरहदी इलाकों में अफीम से ‘सफेद जहर’ हेरोइन तैयार की जा रही है।
साथ ही दिल्ली में भी यूपी और हरियाणा से सटे क्षेत्रों में इसकी अवैध लैब खुली हुई हैं। हेरोइन बनाने में इन लैबों में सबसे अधिक खपत अफगानिस्तान की अफीम की है। तस्कर उत्तराखंड से भी अफीम ले जाकर इन्हीं लैबों को देते हैं।
शुक्रवार को देहरादून के विकासनगर में पंजाब का एक तस्कर पकड़ में आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने हेरोइन तस्करों के नेटवर्क की परतें उधेड़नी शुरू कर दी हैं। छानबीन में पता चला है कि इन प्रदेशों के कई सफेदपोश लोगों के इस कारोबार में लगे होने से प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
अफीम तस्करों ने यूपी, पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में अफीम की मंडियां बना रखी हैं। अफीम को पहले इन मंडियों में लाया जाता है। इसके बाद इन्हें अवैध लैबों में भेजा जाता है।
देश-विदेश में भेजी जाती हैं अवैध लैबों से हेरोइन
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सूत्रों का कहना है कि अफीम में एसेटिक एनहाइडाइन तत्व मिलाकर एक खास प्रक्रिया से हेरोइन तैयार की जाती है। उत्तराखंड की तरफ से जाने वाले तस्कर अफीम सहारनपुर, बरेली, रामपुर, रुद्रपुर और काशीपुर में बेचते हैं। बीते साल मसूरी में पकड़े गए तीन अफीम तस्करों ने सहारनपुर मंडी में अफीम बेचने की बात कुबूली थी।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने वर्ष 2014 में रामपुर में हेरोइन बनाने वाली लैब पकड़ी थी। आसपास चल रही दो लैब के उपकरण लेकर लोग भाग गए थे। ब्यूरो ने रुद्रपुर और रामपुर के बीच भी तीन अवैध लैबों की निशानदेही की थी। ब्यूरो की टीमें इन इलाकों में आधा दर्जन लैब की छानबीन में जुटी हुई है।
सूत्रों का कहना है कि अवैध लैबों से हेरोइन देश-विदेश में भेजी जाती है। ड्रग्स माफिया के निशाने पर ज्यादातर देश के एजूकेशन हब वाले शहर रहते हैं। ब्यूरो के दूसरे कार्यालयों को अलर्ट करने के साथ ही संबंधित प्रांतों के शासन-प्रशासन को भी चौकन्ना रहने के लिए कहा गया है।