OMG: हाई प्रोफाइल पार्टी में जुकाम की दवा से होता है नशा
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जुकाम-खांसी की दवाओं के साल्ट में केमिकल मिलाकर कुछ फार्मास्युटिकल्स कंपनियां जहरीला पार्टी ड्रग्स बना रही हैं।
कंपनियां यह गुनाह सिर्फ मुनाफाखोरी के लिए करती हैं। एक साधारण दवा का साल्ट विशेष रासायनिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद नशीला ‘जहर’ बन जाता है और कंपनियों का मुनाफा हजार गुना बढ़ जाता है। ‘क्रिस्टल’, ‘आइस’, ‘मैथ’ नामों से ये ड्रग्स हाई प्रोफाइल पार्टियों का हिस्सा बन रहे। यूरोपीय देशों में पार्टी ड्रग्स की दून से तस्करी हो रही है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ऐसी फार्मास्युटिकल्स कंपनियों के उत्तराखंड, देश के दूसरे प्रांतों और विदेश में फैले मकड़जाल की छानबीन कर रहा है। कुछ कंपनियां हैं जिन्होंने दवा के इस साल्ट के लिए लाइसेंस ले रखे हैं लेकिन दवा बनाने के बजाय जहरीला नशा तैयार कर रही हैं। कंपनियों के एजेंटों का जाल प्रदेश के अलावा देश और विदेश में भी फैला हुआ है।
ब्यूरो ने दो कंपनियों के खिलाफ जांच के बाद कोर्ट में वाद दायर कर दिया है। सूत्रों का कहना है कंपनियां पार्टी ड्रग्स अपने लोकल डीलरों के माध्यम से उत्तराखंड, यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि प्रांतों में सप्लाई करती हैं।
यह है इफेड्रा
नारकोटिक्स ब्यूरो ने 24 दिसंबर 2014 को सेलाकुई की डेफोहिल्स और रुड़की की हेल्थ कर्व के खिलाफ कार्रवाई की। वाद कोर्ट में दायर किया गया। इनमें महाराष्ट्र के राजेश सालोंके, वेंकट रेड्डी, अमेरिका की केलेट स्मिथ अभी जेल में हैं।
स्मिथ कई कंपनियों से जुड़ी थीं। फार्मास्युटिकल्स कंपनियां सियूडो इफेड्रीन साल्ट से दवा बनाती थीं। कंपनियों ने सारी कागजी खानापूरी कर रखी थी लेकिन कंपनियों ने जिन विक्रेताओं को दवा बेचने का दावा किया था वहां ब्यूरो ने छानबीन की तो पता चला कि उन्होंने दवा खरीदी ही नहीं है। जांच की तो गड़बड़ी उजागर हो गई। कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट चेक करने के बाद कार्रवाई की गई।
यह इफेड्रा
इफेड्रा एक पौधा है, यह अधिकता में चीन और भारत में पाया जाता है। इसके तत्व को सियूडो इफेड्रीन कहते हैं। इसके खाने पर हल्की सी सुस्ती आती है। लैब में अन्य केमिकल के साथ इसकी प्रतिक्रिया करने पर यह खतरनाक नशे में तब्दील हो जाता है।
कुछ कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। सर्दी-जुकाम की दवा के सॉल्ट का गलत इस्तेमाल होता है। बांग्लादेश, म्यांमार के रास्ते पार्टी ड्रग्स दूसरे देश तस्करी कर दिए जाते हैं। ब्यूरो अपने स्तर से छानबीन कर रहा है।
- रवि कुमार राणा, अधीक्षक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो