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ड्रग फ्री उत्तराखंड: एएनटीएफ तोड़ रही नशा तस्करों का नेटवर्क
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देहरादून। उत्तराखंड को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ रही है। इसके अलावा स्कूल व कॉलेजों में भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशानिर्देश पर स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखंड के निर्माण की मुहिम को जन आंदोलन बनाया जा रहा है। एएनटीएफ उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ रही है, वहीं विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों से इस मुहिम में जनता की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर स्कूल कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने के लिए सरकार लगातार मिशन मोड में काम कर रही है।
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वर्ष 2022 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया था। नशा तस्करों की सटीक सूचना देने वाले आम नागरिकों के लिए इनामी योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत 20 हजार से लेकर 2.40 लाख तक का इनाम निर्धारित किया गया है।
सरकार ने शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए कि छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए वह सच्चाई को छिपाएं नहीं। सूचना संबंधित अधिकारियों या टोल फ्री 1933 पर दें। पीजी व हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की नियमित ट्रैकिंग की जा रही है।
......
प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अपना काम कर रही है और सरकार अपना काम। नशे के आदी हो चुके युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई है और काउंसिलिंग के लिए काउंसलर की तैनाती की गई है। अन्य छात्र-युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशानिर्देश पर स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखंड के निर्माण की मुहिम को जन आंदोलन बनाया जा रहा है। एएनटीएफ उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ रही है, वहीं विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों से इस मुहिम में जनता की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर स्कूल कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को साकार करने के लिए सरकार लगातार मिशन मोड में काम कर रही है।
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वर्ष 2022 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया था। नशा तस्करों की सटीक सूचना देने वाले आम नागरिकों के लिए इनामी योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत 20 हजार से लेकर 2.40 लाख तक का इनाम निर्धारित किया गया है।
सरकार ने शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए कि छात्रों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए वह सच्चाई को छिपाएं नहीं। सूचना संबंधित अधिकारियों या टोल फ्री 1933 पर दें। पीजी व हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की नियमित ट्रैकिंग की जा रही है।
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प्रधानमंत्री मोदी के नशामुक्त भारत अभियान से प्रेरणा लेते हुए हमारी सरकार उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अपना काम कर रही है और सरकार अपना काम। नशे के आदी हो चुके युवाओं को मुख्य धारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई है और काउंसिलिंग के लिए काउंसलर की तैनाती की गई है। अन्य छात्र-युवाओं और आम जनता को नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री