{"_id":"696aa13248a2e0267b047cb6","slug":"drt-cancels-auction-of-properties-worth-rs-138-crore-dehradun-news-c-5-1-drn1031-880785-2026-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: डीआरटी ने 138 करोड़ की संपत्ति नीलामी रद्द की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: डीआरटी ने 138 करोड़ की संपत्ति नीलामी रद्द की
विज्ञापन
राज्य के ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने बीती 13 जनवरी को दिल्ली के वसंत विहार स्थित करोड़ों की संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया को अवैध घोषित कर रद्द कर दिया। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच का निर्देश दिया।
श्रेया साहनी की गिरवी रखी संपत्ति के मामले में याचिका लगाई गई थी कि बैंक ने संपत्तियों का मूल्यांकन बाजार भाव से काफी कम किया। न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी उमेश कुमार शर्मा ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संपत्ति मालिकों ने अर्जी लगाकर सरफेसी एक्ट के तहत पीएनबी की कार्रवाई को चुनौती दी थी। दलील दी कि पीएनबी ने विवादित संपत्ति को 138.90 करोड़ में नीलाम करने की प्रक्रिया में नोटिस व अन्य नियमों का पालन नहीं किया।
नीलामी प्रक्रिया में एक खरीदार कंपनी ने राशि भी जमा कर दी थी। अदालत ने बैंक को आदेश दिया कि पूरी राशि आठ फीसदी साधारण ब्याज के साथ 30 दिनों मेें वापस करें। बैंक को आवेदकों (कर्जदारों) की बकाया राशि का सही विवरण देने को कहा है। यदि आवेदक निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि जमा कर देते हैं तो बैंक को एक सप्ताह के भीतर संपत्ति का कब्जा उन्हें वापस सौंपना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रेया साहनी की गिरवी रखी संपत्ति के मामले में याचिका लगाई गई थी कि बैंक ने संपत्तियों का मूल्यांकन बाजार भाव से काफी कम किया। न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी उमेश कुमार शर्मा ने बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संपत्ति मालिकों ने अर्जी लगाकर सरफेसी एक्ट के तहत पीएनबी की कार्रवाई को चुनौती दी थी। दलील दी कि पीएनबी ने विवादित संपत्ति को 138.90 करोड़ में नीलाम करने की प्रक्रिया में नोटिस व अन्य नियमों का पालन नहीं किया।
विज्ञापन
नीलामी प्रक्रिया में एक खरीदार कंपनी ने राशि भी जमा कर दी थी। अदालत ने बैंक को आदेश दिया कि पूरी राशि आठ फीसदी साधारण ब्याज के साथ 30 दिनों मेें वापस करें। बैंक को आवेदकों (कर्जदारों) की बकाया राशि का सही विवरण देने को कहा है। यदि आवेदक निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि जमा कर देते हैं तो बैंक को एक सप्ताह के भीतर संपत्ति का कब्जा उन्हें वापस सौंपना होगा।
विज्ञापन