पहली बार देवभूमि उत्तराखंड के जंगलों पर नजर रखेगा ‘फैंटम’
प्रदेश में पहली बार ‘फैंटम’ के जरिए जंगल और खनन क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। वन निगम ने फैंटम को वन महकमे के पश्चिम वृत्त को सौंपा है। जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा।
कुमाऊं में गौला, नंधौर, शारदा, कोसी और दाबका आदि नदियों में खनन होता है। इन नदियों में अवैध खनन भी साथ में होता है।
कई बार जब टीम मौके पर पहुंचती है तो मुखबिरों से सूचना मिलने पर तस्कर फरार हो जाते हैं। यही हाल मानसून में जंगल का होता है। बरसात में रास्ते बंद होने पर गश्त प्रभावित होती और शिकारियों की घुसपैठ बढ़ जाती है। इसे रोकने के लिए वन निगम ने वन विभाग को ‘फैंटम’ ड्रोन उपलब्ध कराया है।
'फैंटम' की खूबी
- 400 फीट की ऊंचाई से पूरे इलाके में नजर रख सकता है
- यह तेजी उड़ता है और इसमें लगे तीन होवर बेहतर कंट्रोल करते हैं
- जीपीएस लोकेशन को ट्रेस करता चलता है, तय ऊंचाई पर उड़ता है
- सिग्नल कमजोर होने पर जहां से उड़ा था स्वत: ही वापस आ जाता है
ड्रोन में दो कैमरे लगे हैं। इसमें लगी तकनीक के जरिए मोबाइल पर भी अपडेट मिलेगा। अधिकारी अगर देहरादून में भी हैं, तो वे जंगल या खनन क्षेत्र में क्या हो रहा है, देख सकेंगे। इससे कम समय में बड़े इलाके की निगरानी की जा सकेगी। यह 400 फीट ऊंचाई तक आसानी से उड़ सकता है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो प्रभागवार ड्रोन को उपलब्ध कराने का विचार किया जाएगा। इसके जरिए वनकर्मियों की गश्त और चौकसी का भी पता चल सकेगा।
- डा. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक (पश्चिमी वृत्त)