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देहरादून में होने वाले इस फेस्टिवल में ड्रोन दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब
Mon, 11 Feb 2019 10:49 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 11 Feb 2019 10:49 AM IST
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प्रदेश सरकार की पहल पर उत्तराखंड में पहली बार 26 और 27 फरवरी को ड्रोन फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है।
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इसमें देश भर की ड्रोन बनाने और इस्तेमाल करने वाली सरकारी व निजी कंपनियां भाग लेंगी। फेस्टिवल में रिमोट कंट्रोल से उड़ने वाले ड्रोन विमान की तरह हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे। आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड में प्रदेश सरकार और ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर की ओर से संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत फेस्टिवल का शुभारंभ करेंगे।
सरकारी एजेंसियों और ड्रोन बनाने व इस्तेमाल करने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को एक जगह जुटाने की दिशा में त्रिवेंद्र सरकार ने यह अनूठी पहल की है। इसी के तहत 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय अखिल भारतीय ड्रोन फेस्टिवल मनाया जाएगा। इसमें ड्रोन की पांच अलग-अलग श्रेणियों में प्रतियोगिता, प्रदर्शनी व जानकारी के लिए तकनीकी सत्र होगा। प्रदेश सरकार इस फेस्टिवल को इन्वेस्टर्स समिट का दूसरा चरण मान रही है।
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इसका मुख्य उद्देश्य देशभर की ड्रोन कंपनियां उत्तराखंड बुलाकर निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। सूचना प्रौद्योगिकी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) के निदेशक अमित सिन्हा का कहना है कि अब तक देश में रिसर्च, सरकार व उद्योग जगत के बीच ड्रोन के विकास और इस्तेमाल के मामले में एक बड़ा गैप रहा है। फेस्टिवल इसी दूरी को कम करेगा और विकास के लिए इस तकनीक का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग हो सकेगा।
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फेस्टिवल में ये होंगी प्रतियोगिता
अखिल भारतीय ड्रोन फेस्टिवल में ड्रोन की पांच अलग-अलग श्रेणियों की प्रतियोगिता होगी। जिसमें ड्रोन दौड़, इमेज एनालिसिस, धनवंतरी, ड्रोन पे लोड चैलेंज, फ्लाइंग आईज शामिल है। प्रत्येक श्रेणी की प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार एक लाख और द्वितीय पुरस्कार पचास हजार रुपये का दिया जाएगा।
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए यहां पर ड्रोन तकनीक काफी महत्वपूर्ण है। प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही वन, अग्निशमन, कृषि, खनन, राजस्व विभाग में मैपिंग और निगरानी के लिए ड्रोन तकनीकी इस्तेमाल करने की संभावनाएं हैं। सरकार की पहल है कि देश भर की ड्रोन कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित किया जाए।
- आरके सुधांशु, सचिव, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग