देश के बड़े-बड़े सूरमाओं को धूल चटा रहा 41 साल का ये ड्राइवर
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जिस उम्र में खिलाड़ी पावर लिफ्टिंग जैसे खेल से सन्यास लेने की सोचते हैं, उस उम्र में एक ड्राइवर अपने कॅरियर की शुरुआत कर रहा है।
शुरुआत भी इतनी धमाकेदार कि पिछले चार-पांच माह में ही उसने कई राष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर लिए। अब वह 13 और 14 अगस्त को केरल में होने वाली सीनियर नेशनल पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने की तैयारियों में जुटा है।
देहरादून के तपोवन नालापानी निवासी शहैदा हुसैन काजमी (41 वर्ष) स्वास्थ्य महानिदेशालय में ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। शुरुआत से ही उन्हें बॉडी बिल्डिंग और वेट लिफ्टिंग का शौक था। लेकिन परिवार और नौकरी की जिम्मेदारियों के कारण वह इसके लिए समय नहीं निकाल पाए।
चार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया
पिछले साल से उन्होंने पावर लिफ्टिंग के लिए समय निकालना शुरू किया। विभाग ने भी उन्हें शाम को एक घंटे प्रैक्टिस के लिए छूट दी। इसके बाद शहैदा ने पूरे मनोयोग से प्रैक्टिस की और दो प्रतियोगिताओं में चार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वह पिछले दो सालों से पावर लिफ्टिंग में लगातार स्टेट चैंपियनशिप का खिताब जीत रहे हैं।
पिछले वर्ष स्टेट चैंपियन का खिताब जीतने के बाद मार्च 2017 में उन्होंने जम्मू में हुई प्रतियोगिता के मास्टर्स वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके बाद आठ व नौ जुलाई को काशीपुर, सुल्तानपुर पट्टी में हुई स्टेट चैंपियनशिप में 93 किग्रा भार वर्ग में उन्होंने मास्टर, सीनियर और बेंच प्रेस चैंपियनशिप टाइटल में गोल्ड जीता।
उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर देहरादून की टीम ने ओवरऑल चैंपियनशिप भी अपने नाम की। उन्होंने बताया कि पहले शौकिया तौर पर खेलने की शुरूआत की। उनके कोच राज मिडास और परिवार ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया, जिससे वह बेहद उत्साहित हैं।