फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   drinking water shortage in new tehri.

नई टिहरीः तीन लाख की आबादी को पेयजल संकट

Sat, 20 Feb 2016 01:25 PM IST
विजय गुसाईं/ अमर उजाला, नई टिहरी
विजय गुसाईं/ अमर उजाला, नई टिहरी Updated Sat, 20 Feb 2016 01:25 PM IST
विज्ञापन
drinking water shortage in new tehri.

नई टिहरी में करोड़ों रुपये पेयजल पंपिंग योजनाओं पर खर्च होने के बावजूद कार्य पूरा नहीं है और तीन लाख की आबादी को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। वर्ष 2015-16 में पूरी होने वाली अधिकतर योजनाएं धनाभाव के कारण अधर में हैं।

विज्ञापन


जिले में 395.66 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 15 पंपिंग योजनाओं पर अब तक 219.83 करोड़ खर्च किए गए हैं, उनका कार्य पूरा करने के लिए जल निगम को 175 करोड़ रुपये की और जरूरत है। निगम को अब इतनी जल्दी भारी-भरकम धनराशि मिलना आसान नहीं है। ऐसे में गर्मी में लोगों को पानी के लिए और जूझना पड़ सकता है।
विज्ञापन


ग्लोबल वार्मिंग का असर प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर भी देखा जा रहा है जिससे आए दिन गांव-गांव में पीने के पानी की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसका नतीजा है कि गर्मी के मौसम में हर जगह पानी के लिए हाहाकार मचा रहता है। समस्या से निपटने के लिए वर्ष 2006-07 से 2013-14 के बीच 15 पेयजल पंपिंग योजनाएं स्वीकृत की गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


समय रहते योजनाओं का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया। इनमें अधिकतर का निर्माण कार्य 2015-16 में पूरा किया जाना था, लेकिन धनाभाव के कारण अभी तक 70 फीसदी ही बन पाई हैं। इससे लोगों को अभी पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

ये हैं अधूरी योजनाएं
जिले में स्वीकृत सबसे पुरानी पंपिंग पेयजल योजनाओं में शामिल प्रतापनगर ग्राम समूह पर अगस्त 2006, सारज्यूला पंपिंग जनवरी 2007 और रजाखेत ग्राम समूह योजना पर फरवरी 2008 और और कोश्यार पंपिंग योजना का कार्य फरवरी 2007 में शुरू किया गया था। कार्य लंबा चलने से इन योजनाओं की लागत बढ़ गई है।

इससे निगम ने तीन योजनाएं पूरी करने के लिए 32.70 करोड़ का पुनरीक्षित प्राक्लन भेजा है। निगम का दावा है, कि लालूर पट्टी पंपिंग योजना, कोटेश्वर झंडीधार और लछमोली हडीमधार पंपिंग योजना का कार्य एक से सात माह में पूरा कर लिया जाएगा। जबकि अन्य योजनाओं का भविष्य धनराशि मिलने पर निर्भर है।


अधिकतर पंपिंग पेयजल योजनाओं का निर्माण अंतिम चरण में है। अन्य कार्य धनराशि मिलने पर भी निर्भर है। कई योजनाओं पर वितरण लाइन का ही कार्य शेष बचा है। इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
- वीसी पुरोहित, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम टिहरी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed