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Dehradun News: खोदाई में टूटी पेयजल लाइन, 1800 परिवारों को नहीं मिला पानी
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रेडियल रोड पर वालिया फार्म के पास ओलंपस हाई स्कूल के सामने गेल गैस की ओर से सड़क खोदाई करते हुए पानी की पाइप लाइन तोड़ दी गई। मंगलवार की देर रात पाइप लाइन टूट गई थी इसके बाद से पूरी रात पेयजल सड़क पर बहता रहा। सुबह हुई तो आसपास के घरों में पानी नहीं आया। ऐसे में लोग परेशान होने लगे। दूसरे दिन दोपहर में जल संस्थान की टीम आई तब दोपहर दो बजे पेयजल लाइन ठीक की गई। इस दौरान 1800 परिवारों को पानी नहीं मिला।
इंद्रापुरम के पूर्व पार्षद ओमेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि गेल ठेकेदार की ओर से रेडियल रोड की सड़कें साल में चार बार खोदी जा चुकी हैं। हर बार सड़क खोदने के बाद संबंधित विभाग बना देता है। सड़क बनाने के कुछ दिन बाद फिर खोद देते हैं। जब इनसे यह पूछा जाता है कि सड़क की खोदाई क्यों कर रहे हैं तो कहते हैं कि अनुमित ली गई है। इसके अलावा यह लोग सड़क की खोदाई करने के बाद मलवा भी नहीं उठाते हैं। ऐसे में यहां पर लोग फिसलकर गिरते रहते हैं। ऐसे में संबंधित विभाग को कार्रवाई करने की जरूरत है।
- रात से सुबह तक लाखों लीटर पेयजल बह गया
मंगलवार देर रात पेयजल लाइन टूटने के बाद लाखों लीटर पेयजल बह गया। खोदाई के बाद संबंधित ठेकेदार ने जल संस्थान को सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा। सुबह के समय जब घरों में पानी नहीं आया तो आसपास के लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो पाइप लाइन से पेयजल तेजी से बह रहा था। इसके बाद पाइप को ट्यूब की मदद से बांधा गया लेकिन पानी का बहाव बंद नहीं हुआ। इसके बाद जल संस्थान को फोन करके शिकायत की गई फिर दोपहर दो बजे जल संस्थान की टीम आई।
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यहां के परिवार हुए प्रभावित
इस दौरान चक्की टोला, चमन विहार, एकता इंक्लेव गणेश वाटिका, आराधना गार्डन, माया इनक्लेव भक्ति इनक्लेव गढवाल कालोनी साईं लोक समेत 1800 परिवार प्रभावित हुए। पानी के लिए टैंकर मंगाकर काम चलाना पड़ा।
लीकेज की सूचना नहीं देते
स्थानीय निवासियों ने बताया कि खोदाई के समय कहीं पर लीकेज की समस्या आ जाती है तो जल संस्थान को सूचित किए बिना ही लीकेज को दबा देते हैं। ऐसे में लीकेज से पानी बहकर जमीन में जाता रहता है। इसके बाद घरों में पानी का प्रेशर नहीं आता है।
इस संबंध में हमको जानकारी नहीं है। अगर लाइन टूटी है तो जल संस्थान की ओर से ठीक की जाती है। इस बार में पता किया जाएगा।
मीनाक्ष त्रिपाठी, जीएम, गेल गैस लिमिटेड
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इंद्रापुरम के पूर्व पार्षद ओमेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि गेल ठेकेदार की ओर से रेडियल रोड की सड़कें साल में चार बार खोदी जा चुकी हैं। हर बार सड़क खोदने के बाद संबंधित विभाग बना देता है। सड़क बनाने के कुछ दिन बाद फिर खोद देते हैं। जब इनसे यह पूछा जाता है कि सड़क की खोदाई क्यों कर रहे हैं तो कहते हैं कि अनुमित ली गई है। इसके अलावा यह लोग सड़क की खोदाई करने के बाद मलवा भी नहीं उठाते हैं। ऐसे में यहां पर लोग फिसलकर गिरते रहते हैं। ऐसे में संबंधित विभाग को कार्रवाई करने की जरूरत है।
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- रात से सुबह तक लाखों लीटर पेयजल बह गया
मंगलवार देर रात पेयजल लाइन टूटने के बाद लाखों लीटर पेयजल बह गया। खोदाई के बाद संबंधित ठेकेदार ने जल संस्थान को सूचना देना तक जरूरी नहीं समझा। सुबह के समय जब घरों में पानी नहीं आया तो आसपास के लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो पाइप लाइन से पेयजल तेजी से बह रहा था। इसके बाद पाइप को ट्यूब की मदद से बांधा गया लेकिन पानी का बहाव बंद नहीं हुआ। इसके बाद जल संस्थान को फोन करके शिकायत की गई फिर दोपहर दो बजे जल संस्थान की टीम आई।
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यहां के परिवार हुए प्रभावित
इस दौरान चक्की टोला, चमन विहार, एकता इंक्लेव गणेश वाटिका, आराधना गार्डन, माया इनक्लेव भक्ति इनक्लेव गढवाल कालोनी साईं लोक समेत 1800 परिवार प्रभावित हुए। पानी के लिए टैंकर मंगाकर काम चलाना पड़ा।
लीकेज की सूचना नहीं देते
स्थानीय निवासियों ने बताया कि खोदाई के समय कहीं पर लीकेज की समस्या आ जाती है तो जल संस्थान को सूचित किए बिना ही लीकेज को दबा देते हैं। ऐसे में लीकेज से पानी बहकर जमीन में जाता रहता है। इसके बाद घरों में पानी का प्रेशर नहीं आता है।
इस संबंध में हमको जानकारी नहीं है। अगर लाइन टूटी है तो जल संस्थान की ओर से ठीक की जाती है। इस बार में पता किया जाएगा।
मीनाक्ष त्रिपाठी, जीएम, गेल गैस लिमिटेड