जल्द शुरु होगा वार मेमोरियल का काम, जानिए कैसे होगा उत्तराखंड का पहला वार मेमोरियल
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प्रदेश का पहला वार मेमोरियल जल्द आकार लेने लगेगा। कैंट बोर्ड की बैठक में सभी की सहमति से इसकी डीपीआर को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए पहले ही बजट जारी किया जा चुका है। जल्द ही,इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
सोमवार को छावनी परिषद गढ़ी की बोर्ड बैठक में वार मेमोरियल के निर्माण के लिए डीपीआर रखी गई। सभासदों और बोर्ड के अधिकारियों की सहमति से डीपीआर फाइनल कर निर्माण को मंजूरी दी गई। बता दें कि वर्ष 2010 में भाजपा सरकार ने प्रदेश में वार मेमोरियल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन कभी भूमि की तलाश और कभी सियासी खींचतान के कारण यह काम पूरा नहीं हुआ।
सैन्य बाहुल्य उत्तराखंड के हजारों वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए समय-समय पर अपने प्राणों का बलिदान दिया है। उनके शौर्य और साहस को सलाम करते एक प्रतीक की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। अमर उजाला ने भी वार मेमोरियल बनवाने के लिए अभियान चलाया था।
ऐसा होगा स्मारक
इसके बाद पूर्व राज्य सभा सांसद तरुण विजय ने मोर्चा संभाला और इस मामले को रक्षा मंत्रालय तक ले गए। प्रस्ताव पर सेना ने कार्रवाई की और वार मेमोरियल के लिए चीड़बाग में एक एकड़ भूमि फाइनल की गई। पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने अप्रैल 2016 में वार मेमोरियल का शिलान्यास किया।
ऐसा होगा स्मारक
- दो करोड़ रुपये की लागत से एक एकड़ भूमि पर बनेगा शौर्य स्थल।
- चीड़ के पेड़ों से घिरे इस स्मारक पर तीनों सेनाओं के झंडों के साथ कई फीट ऊंचा तिरंगा फहराएगा।
- डेढ़ हजार से अधिक शहीदों के नाम दर्शाता स्तंभ स्थापित होगा।
- सात हाईग्रेड पालिश कंक्रीट के स्तंभ पर सैन्य सम्मान का अद्भुत नजारा पेश होगा।
- हाथीबड़कला में 48 लाख की लागत से बनेगा सिंह द्वार।
- द्वितीय चरण में म्यूजियम बनाने का भी प्रस्ताव है।