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कोरोना संकट से रेलवे स्टेशन के वेंडरों, दुकानदारों पर पड़ी दोहरी मार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2020 08:39 PM IST
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double hit on railway station vendors and shopkeepers
कोरोना संकट से रेलवे स्टेशन के वेंडरों, दुकानदारों पर पड़ी दोहरी मार --- पहले रेलवे स्टेशन पर रीमॉडलिंग, फिर कोरोना वायरस के चलते ट्रेनों का संचालन ठप होने से कारोबार चौपट --- वेंडरों दुकानदारों ने सरकार से की साल भर का लाइसेंस शुल्क माफ करने की मांग माय सिटी रिपोर्टर देहरादून दून रेलवे स्टेशन के वेंडरों और दुकानदारों पर दोहरी मार पड़ी है। पहले तो दून रेलवे स्टेशन की रीमॉडलिंग और निर्माण कार्य कार्यों के चलते कारोबार चार महीने तक चौपट रहा और अब रही सही कसर कोरोना वायरस संकटने पूरी कर दी है। पिछले सात माह से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद होने और यात्रियों की आवाजाही समाप्त होने से वेंडर, दुकानदार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। रेलवे स्टेशन के सभी वेंडरों और दुकानदारों ने रेल मंत्रालय से अपील की है कि उन्हें आर्थिक पैकेज देने के साथ ही दुकानों का लाइसेंस शुल्क एक साल के लिए माफ किया जाए। बता दें कि पहले तो दून रेलवे स्टेशन पर रीमॉडलिंग और निर्माण कार्यों के चलते ट्रेनों का संचालन चार महीने ठप रहा ।ऐसे में स्टेशन के 25 से अधिक वेंडरों, दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह चौपट रहा। आखिरकार जब रीमॉडलिंग का काम पूरा हुआ और ट्रेनों के संचालन शुरू हुआ तो रही सही कसर कोरोनावायरस संक्रमण नहीं पूरी कर दी। 22 मार्च के बाद से ही ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से ठप है। हालांकि बीच-बीच में रेलवे मुख्यालय की ओर से विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया लेकिन कारोबारियों ने कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दुकानों को नहीं खोला। रेलवे स्टेशन के दुकानदारों अनिल कुमार, दीपक जैन, दीपू पहाड़ी, राजीव जैन, संजीव जैन, का कहना है कि पिछले सात माह से नियमित ट्रेनों का संचालन बंद होने से उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई है।ऐसे में सरकार को आर्थिक मदद देने के साथ ही दुकानों का लाइसेंस शुल्क एक साल के लिए माफ किया जाना चाहिए। दूसरी ओर रेलवे के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एसके अग्रवाल का कहना है कि लाइसेंस शुल्क माफ करने का निर्णय मंडल स्तर पर लिया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर इसमें कुछ भी नहीं किया जा सकता है। हालांकि वेंडरों और कर्मचारी कारोबारियों की समस्याओं से आला अधिकारियों को पहले ही अवगत कराया जा चुका है।
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