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दून के किसानों से सीखें दुग्ध उत्पादन के गुर
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला देहरादून
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:19 AM IST
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देहरादून के 11 डेयरी किसानों ने एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसमें किसानों को डेयरी खोलने के लिए लोन लेने से लेकर तकनीक तक की जानकारी दी जाती है। इन्होंने प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन का गठन किया है। अब तक दून में 50 मॉडल डेयरी विकसित करके हर रोज औसतन 4000 लीटर से अधिक दूध का उत्पादन किया जा रहा है। इससे 250 किसानों को स्वरोजगार भी मिला है।
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प्रदेश में सरकार की दुग्ध प्रोत्साहन योजनाएं भले लड़खड़ा रही हैं। विभिन्न जनपदों में दुग्ध विकास समितियां प्रोत्साहन के अभाव में बंद हो रही हैं, लेकिन कुछ किसान अपने दम पर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने में लगे हैं। दून के कुछ किसानों ने आपस में एक दूसरे की मदद करके ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिससे दूसरों को मदद की जा रही है। इन किसानों ने शिक्षित बेरोजगारों, पूर्व सैनिकों और किसानों को बताया कि दो से तीन सौ वर्ग गज जमीन पर मॉडल डेयरी किस तरह विकसित की जाती है।
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इतनी जगह में करीब 10 गाय पालकर कई डेयरी किसान प्रतिदिन डेढ़ से दो सौ लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. हरेंद्र सिंह रावत बताते हैं कि 15 नवंबर-2012 को कुछ किसानों ने मिलकर इस एसोसिएशन का गठन किया था। आज प्रदेश भर में 450 से अधिक किसान इससे जुड़ चुके हैं।
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हंस फाउंडेशन ने भी बढ़ाया हाथ
किसान आगे आए तो हंस फाउंडेशन ने भी हाथ बढ़ाया। फाउंडेशन की ओर से किसानों को वृद्धावस्था पेंशन, निशुल्क डेयरी प्रशिक्षण, गाय की मृत्यु, लड़की की शादी, बच्चों की शिक्षा और गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
शहर में डेयरी किसान पहले से दूध का उत्पादन कर रहे थे, लेकिन प्रतिदिन मुश्किल से आठ से दस लीटर दूध का उत्पादन हो पा रहा था। किसानों को नस्ल सुधार और छोटी जगह पर मॉडल डेयरी विकसित करने की जानकारी दी गई। कई नई डेयरी खोली गई तो कुछ पुरानी विकसित हुई और अब प्रत्येक डेयरी से डेढ़ से दो सौ लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। एसोसिएशन का हर साल सौ मॉडल डेयरी विकसित करने का लक्ष्य है।
- डा. हरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन
एसोसिएशन इस तरह से करता है मदद
प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन डेयरी किसानों को मॉडल डेयरी का निशुल्क प्रशिक्षण देता है, इसमें विशेषज्ञों को बुलाकर नई तकनीकी की जानकारी दी जाती है, गौशाला किस तरह से बननी है और इसमें नाबार्ड से कैसे मदद ली जानी है इसकी जानकारी दी जाती है।
यहां करें संपर्क
डा.हरेंद्र रावत, अध्यक्ष प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन
9412007407