फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dollar increased tension

विदेश जाने के नाम से 'डर' रहे हैं लोग

Fri, 23 Aug 2013 11:09 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 23 Aug 2013 11:09 AM IST
विज्ञापन
dollar increased tension

देहरादून में रुपये की कमजोरी से मां-बाप लाखों के कर्जदार बन रहे हैं। जिन मां-बाप से विदेश में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए लोन लिया था वह इससे खासे परेशान हैं।

विज्ञापन


जिस वक्त उन्होंने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था उस वक्त रुपये की कीमत 59 के आस-पास थी, लेकिन अब यह 65 के लगभग जा पहुंची है।

महज छह पासे की दूरी ने अमित के पिता चंदन सिंह का तनाव बढ़ा दिया है। जिस काम में उनके 20 लाख लगने थे, अब उसके लिए 22 लाख खर्चने होंगे। चंदन सिंह को यह समझ नहीं आ रहा कि वह दो लाख रुपये की व्यवस्था कहां से करें। यह तो साफ है कि उन्हें इस खर्च को पाटने के लिए और कर्ज लेना होगा।
विज्ञापन


10 फीसदी जाते हैं विदेश
बैंकों का आंकड़ा बताता है कि एजुकेशन लोन लेने वाले हर साल बढ़ रहे हैं। इनमें से 10 प्रतिशत विदेश में पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं।

20 लाख तक मिलता है लोन
विदेश में पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को बैंक 20 लाख रुपए तक का एजुकेशन लोन मुहैया करा रहे हैं। इसमें चार लाख तक के लोन पर कोई मार्जिन नहीं है। चार लाख से अधिक लोन पर विदेश में शिक्षा प्राप्ति की स्थिति में 15 प्रतिशत मार्जिन रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूं बढ़ता है खर्च

एक यूएसए की यूनिवर्सिटी का ही उदाहरण लें। एक छात्र को फीस के नाम पर ही औसतन एक साल में 15 हजार से 30 हजार डालर तक चुकाने होते हैं। इसके अलावा रहने का खर्च भी तकरीबन 15 हजार डालर के आस-पास जाकर बैठता है। इस तरह उसका एक साल का खर्च 30 से 50 हजार डालर के बीच जाकर बैठता है।

यहां से भेजे जाने वाले रुपये का कनवर्जन डालर में होकर भुगतान होता है। साफ है कि डालर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से उसे प्रति डालर अधिक भुगतान करना होगा। खर्च में बढ़ोत्तरी होगी।


हजारों आएंगे दायरे में
तकरीबन डेढ़ साल के आंकड़ों पर जाएं तो पंजाब नेशनल बैंक सात हजार से अधिक, स्टेट बैंक आफ इंडिया दो हजार से अधिक, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक तकरीबन डेढ़ हजार, जबकि केनरा बैंक से तकरीबन ढाई हजार आवेदक लोन ले चुके हैं।

एजुकेशन लोन लेने वाले बढ़ रहे हैं। खास तौर पर तकनीकी पाठ्यक्रमों में खर्च ज्यादा होने की वजह से इसके बगैर गुजारा नहीं।
- डीएस रावत, भारतीय स्टेट बैंक

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed