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दुष्कर्म पीड़ित मासूम तड़पती रही, मां-बाप गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने नहीं किया इलाज

Fri, 08 Mar 2019 11:35 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 08 Mar 2019 11:35 AM IST
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doctors mercilessness for sexually assaulted four year old girl
सांकेतिक तस्वीर

दुष्कर्म पीड़ित मासूम एक घंटे तक दर्द से तड़पती रही। मां-बाप इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि पहले एफआईआर दर्ज कराओ, उसके बाद ही इलाज होगा। मौके पर पहुंची एसपी सिटी श्वेता चौबे ने चिकित्सकों पर नाराजगी जताई तब मासूम का इलाज शुरू किया गया। हालत गंभीर देखकर पीड़िता को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

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बुधवार को रात करीब 12:30 बजे दून अस्पताल में टिहरी से एक मासूम बच्ची भर्ती कराई गई। बच्ची की हालत खराब थी। दरिंदगी की वजह से चार वर्ष की मासूम बदहवास थी। बच्ची के माता-पिता डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगा रहे थे, लेकिन डॉक्टर मानने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने साफ कह दिया कि यह दुष्कर्म का मामला है। पहले एफआईआर कराओ, इसके बाद ही इलाज करेंगे। थके-हारे अभिभावकों ने पुलिस तक शिकायत पहुंचाई।

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डॉक्टर फिर भी अपनी जिद पर अड़े रहे

सूचना मिलने पर एसपी सिटी श्वेता चौबे मौके पर पहुंची। उन्होंने इलाज में देरी पर सख्त नाराजगी जताई। कुछ डॉक्टर फिर भी अपनी जिद पर अड़े रहे। इस पर उन्होंने एसएसपी से बात कराने को कहा तो डॉक्टर इलाज और मेडिकल के लिए तैयार हुए। 

डॉक्टर, इलाज से नहीं कर सकता इंकार
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता का कहना है कि कोई भी डॉक्टर ऐसे हालात में इलाज से इंकार नहीं कर सकता है। डॉक्टर किसी भी मामले में शुरुआती इलाज जारी रख सकते हैं। दुष्कर्म के मामलों में जहां तक मेडिकल की बात है तो पुलिस को सूचना दी जाती है। अक्सर पुलिस पीड़ित को लेकर पहुंचती है। लेकिन, सूचना देने के बाद भी मेडिकल किया जा सकता है।

मासूम को समय से इलाज न देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला है। कानूनी औपचारिकता से पहले इंसान की जिंदगी है। डॉक्टरों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- ऊषा नेगी, अध्यक्ष, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग

टिहरी की चार साल की मासूम से भतीजे ने किया दुष्कर्म 

बुधवार को टिहरी क्षेत्र के एक गांव में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में आरोपी, पीड़ित मासूम का रिश्ते में भतीजा लगता है। वह उससे 10 साल बड़ा है। अकेली बच्ची को देखकर वह घर में घुसा और बहला फुसलाकर बच्ची को जंगल ले गया। वहां उसने वारदात को अंजाम दे डाला।

जंगल से घास लेकर लौटी मां और पिता बच्ची को लेकर दून अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन, हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल रेफर कर दिया। शिकायत पर शहर कोतवाली देहरादून में पुलिस ने जीरो नंबर पर एफआईआर दर्ज की है। 

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माता-पिता बुधवार रात करीब 12.30 बजे दून महिला अस्पताल पहुंचे थे

बुधवार को कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशोक राठौर ने बताया कि पीड़ित बच्ची को लेकर उसके माता-पिता बुधवार रात करीब 12.30 बजे दून महिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां चिकित्सकों ने बच्ची की हालत देखकर बिना मुकदमा दर्ज किए उपचार करने से साफ इनकार कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने पीड़ित मासूम के मां-पिता से घटना की जानकारी ली। सुबह करीब सात बजे बच्ची की मां ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशोक राठौर ने बताया कि प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद एफआईआर को टिहरी पुलिस को ट्रांसफर किया जाएगा।

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