सात महीने के बच्चे को ऑक्सीजन देने के बदले डॉक्टरों ने पिता से की ऐसी डिमांड, पढ़कर यकीन नहीं होगा
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सात महीने के बच्चे को आक्सीजन देने के बादले डाक्टरों ने ऐसी डिमांड की जिसे पढ़कर आपको यकीन नहीं होगा। डाक्टरों की इसी लापरवाही के कारण बच्चे की जान चली गई। संयुक्त चिकित्सालय में सात माह के बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई।
मृत बच्चे के पिता ने डीएम को पत्र भेजकर डॉक्टरों पर जनरेटर चलाने के लिए डीजल मांगने, लापरवाही के चलते बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है। नगर के वार्ड सात, लाल इमलीपड़ाव निवासी इरशाद अहमद ने डीएम को पत्र भेजा।
इसमें कहा गया है कि उसका सात माह के बच्चे को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। उसे 22 सितंबर को संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। वहां तीन दिन उपचार किया गया।
पढ़िए, क्या बोले डॉक्टर
आरोप लगाया कि बिजली गुल होने पर उन्होंने जनरेटर चलाने की मांग की तो चिकित्साधीक्षक डॉ. एचएस हयांकी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम तिवारी ने उससे डीजल दिलाने को कहा और उसका मानसिक उत्पीड़न किया।
लापरवाही के चलते सोमवार रात बच्चे की मौत हो गई। उसने डीएम से कार्रवाई की गुहार लगाई है। वहीं, चिकित्साधीक्षक डॉ. हयांकी ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि समय से पहले पैदा हुए बच्चे का फेफड़ा विकसित नहीं हो सका था।
इससे उसको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। शिशु की हालत गंभीर होने के चलते हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा गया था, लेकिन परिजन उसे नहीं ले जा सके। इसलिए उसको लगातार ऑक्सीजन में रखा गया था। जरूरत पड़ने पर जनरेटर भी चलाया गया था।